नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने बिहार की चिंता बढ़ा दी है. नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने के बाद बिहार में भी संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है. इसी को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में डीजीपी समेत आपदा प्रबंधन, गृह विभाग और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में संभावित बाढ़ की स्थिति, राहत-बचाव की तैयारियों और संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की तैयारी की समीक्षा की गई.
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सीमावर्ती और नदियों से सटे इलाकों में खतरा
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद बिहार के सीमावर्ती और नदियों से सटे इलाकों में खतरा बढ़ गया है. खासकर कोसी, गंडक और गंगा नदी के जलस्तर और संभावित प्रभाव को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. बिहार के करीब छह जिलों को संवेदनशील मानते हुए वहां स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
बिहार की नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है असर
नेपाल में बारिश का असर बिहार की नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है. ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और समय रहते राहत-बचाव की व्यवस्था करना सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है.
आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी
बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं. समीक्षा बैठक में संवेदनशील इलाकों में राहत सामग्री, बचाव उपकरण, नाव, मेडिकल टीम और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं की उपलब्धता पर भी फोकस किया गया.
केंद्र सरकार भी पूरी तरह अलर्ट
प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत-बचाव अभियान शुरू किया जा सके.वहीं, बिहार में बने हालात को लेकर केंद्र सरकार भी पूरी तरह अलर्ट है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात कर बिहार में बाढ़ और बारिश से जुड़े हालात की जानकारी ली. केंद्र की तरफ से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की टीमों को भी बिहार के प्रभावित और संवेदनशील इलाकों की ओर रवाना किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत-बचाव में तेजी लाई जा सके.
बिहार में बाढ़ का खतरा गंभीर
बिहार में बाढ़ का खतरा इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि राज्य की कई प्रमुख नदियां नेपाल से होकर बिहार में प्रवेश करती हैं. नेपाल में होने वाली भारी बारिश का सीधा असर इन नदियों के जलस्तर पर पड़ता है. ऐसे में कोसी और गंडक के साथ-साथ गंगा के आसपास के इलाकों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है.
स्थिति पर मेरी नजर- सीएम
सरकार की कोशिश है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके और जान-माल के नुकसान को कम से कम किया जा सके. सीएम सम्राट ने कहा है कि स्थिति पर मेरी नजर है जरूर पड़ी तो मैं स्वंय वाल्मिकीनगर जाऊंगा.
केंद्र सरकार के बीच लगातार समन्वय
फिलहाल बिहार सरकार और केंद्र सरकार के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है. गृह मंत्रालय से लेकर राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र तक सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है. अब नजर नेपाल में बारिश की स्थिति और बिहार की नदियों के जलस्तर पर है, क्योंकि आने वाले घंटों में हालात किस दिशा में जाते हैं, उसी के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी.
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