Bihar Government Rule: सम्राट सरकार का कर्मचारियों के लिए नया नियम, सख्त आदेश जारी

बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक का समय अनिवार्य कर दिया है और बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही वेतन भुगतान का आदेश जारी किया है.

सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी

ऋचा शर्मा

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बिहार की नीतीश-सम्राट सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और सरकारी दफ्तरों में कार्य संस्कृति सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं. नए नियमों के तहत अब दफ्तरों में लेटलतीफी नहीं चलेगी और बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य बना दिया गया है.

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क्या है नया टाइम-टेबल?

सरकार ने सचिवालय और क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय सीमा निर्धारित की है:

  • सचिवालय (Secretariat): सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक.
  • लंच ब्रेक: दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक.
  • महिला कर्मियों को राहत: महिला कर्मचारियों की ड्यूटी शाम 5:00 बजे तक ही रहेगी.
  • क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Offices): यहाँ सप्ताह में 6 दिन काम होगा. समय सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा.
  • सर्दियों का समय (नवंबर-फरवरी): सुबह 10:30 से शाम 5:00 बजे तक.
  • लंच ब्रेक: दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक.

बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य

नए आदेश के अनुसार, अब हर कर्मचारी को अपनी उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन के जरिए ही दर्ज करनी होगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेतन का भुगतान अब केवल उपस्थिति के आधार पर ही किया जाएगा. इसके अलावा, नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) भी किया जाएगा.

देर से आने पर कटेगी छुट्टी या वेतन

नियमों को लेकर सरकार का रुख बेहद कड़ा है. यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय से देर से कार्यालय पहुँचता है, तो उस समय को उसकी छुट्टियों (Leaves) से काट लिया जाएगा. यदि कर्मचारी के पास छुट्टियाँ शेष नहीं हैं, तो सीधे तौर पर वेतन (Salary Deduction) से कटौती की जाएगी.

प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ी पहल

मुख्य सचिव ने सभी विभागों, जिलाधिकारियों (DMs) और पुलिस मुख्यालय को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं. सरकार का उद्देश्य सरकारी कार्यों में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है. हालांकि, विशेष परिस्थितियों में विभागाध्यक्ष को छूट देने का अधिकार दिया गया है, लेकिन यह केवल वास्तविक और आवश्यक स्थितियों में ही संभव होगा.

 

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