35 लाख की थार से आती थी काम करने, किशनगंज SDPO की नौकरानी पारो भी निकली करोड़पति

किशनगंज के पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई कार्रवाई में उनकी नौकरानी पारो के भी करोड़पति होने का खुलासा हुआ है. पारो के पास 35 लाख की थार और एक करोड़ का बंगला मिला है, जबकि एसडीपीओ पर 80 करोड़ की बेनामी संपत्ति का आरोप है.

किशनगंज
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ऋचा शर्मा

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बिहार के किशनगंज में तैनात रहे एसडीपीओ (SDPO) गौतम कुमार पर आय से अधिक संपत्ति मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है. जैसे-जैसे जांच की परतें खुल रही हैं, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब इस भ्रष्टाचार के खेल में नया और सबसे हैरान करने वाला नाम जुड़ा है- उनकी घरेलू नौकरानी पारो का.

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₹35 लाख की थार और ₹1 करोड़ का बंगला

जांच में सामने आया है कि साधारण घरेलू कामगार दिखने वाली पारो बेहद आलीशान जिंदगी जी रही थी. वह किशनगंज के धर्मगंज इलाके की रहने वाली है और करीब ₹35 लाख की महंगी थार गाड़ी से काम करने आती-जाती थी. इतना ही नहीं, पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में उसने करीब ₹1 करोड़ का आलीशान बंगला भी बनवाया है. पारो के पास लाखों के गहने और एक बुलेट बाइक भी मिली है, जो कथित तौर पर एसडीपीओ गौतम कुमार ने उसे गिफ्ट की थी.

सोशल मीडिया पर 'कैश' के साथ वीडियो वायरल

पारो के सोशल मीडिया पर कई फोटो और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह भारी मात्रा में नकदी और महंगी गाड़ियों के साथ नजर आ रही है. एक वीडियो में उसके हाथ में ₹1.5 लाख कैश देखा जा सकता है. खुलासे होते ही पारो अपने पूरे परिवार के साथ घर छोड़कर फरार हो गई है. ईओयू अब उसके वित्तीय स्रोतों और बेनामी संपत्ति के कनेक्शन को खंगाल रही है.

32 साल का करियर और ₹80 करोड़ की संपत्ति

1994 बैच के दारोगा रहे गौतम कुमार पर अपने 32 साल के करियर में करीब ₹80 करोड़ की बेनामी संपत्ति बनाने का आरोप है. ईओयू की छापेमारी में अब तक निम्नलिखित बरामदगी हुई है:

  • नोएडा, गुरुग्राम, पूर्णिया और पटना सहित 8 ठिकानों पर छापेमारी.
  • 36 जमीन के दस्तावेज और ₹60 लाख के गहने.
  • सिलीगुड़ी में चाय बागान और महंगी लग्जरी गाड़ियां (क्रेटा, थार).
  • पत्नी (जो शिक्षिका हैं) और कथित गर्लफ्रेंड शगुप्ता परवीन के नाम पर भी करोड़ों का निवेश.

राजनीतिक और तस्करी कनेक्शन की जांच

जांच एजेंसियों को शक है कि गौतम कुमार ने अवैध बालू खनन, तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के जरिए यह काली कमाई की है. सूत्रों के मुताबिक, पूर्णिया के एक विधायक के साथ मिलकर सिलीगुड़ी में चाय बागान खरीदने के भी सबूत मिले हैं. सीमांचल के जिलों में लंबे समय तक तैनात रहे गौतम कुमार की 'सख्त अधिकारी' की छवि अब भ्रष्टाचार के दलदल में पूरी तरह धूमिल हो चुकी है.

 

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