खेती से मुनाफा बढ़ाएगा बिहार सरकार का यह नया फॉर्मूला, जानिए कृषि मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान

न्यूज तक डेस्क

18 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 18 2026 11:50 AM)

बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य के 96% छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार अब पारंपरिक खेती के बजाय बागवानी और इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर जोर दे रही है.

कृषि मंत्री विजय सिन्हा
कृषि मंत्री विजय सिन्हा
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बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के किसानों की आमदनी दोगुनी करने और कृषि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार की रणनीति सामने रखी है. एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि बिहार के लगभग 96 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत वर्ग से आते हैं. ऐसे में केवल पुरानी या पारंपरिक खेती के भरोसे उनकी आय बढ़ाना संभव नहीं है. सरकार अब हॉर्टिकल्चर (बागवानी) और इंटीग्रेटेड फार्मिंग (एकीकृत कृषि) पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है.

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किसानों के लिए 'फार्मर आईडी' और 'एग्री स्टैक'

किसानों को सरकारी योजनाओं, खाद, बीज और सब्सिडी का सीधा फायदा पहुंचाने के लिए राज्य में 'एग्री स्टैक' के तहत काम तेजी से चल रहा है.

  • 48 लाख से अधिक फार्मर आईडी: मंत्री ने बताया कि अब तक करीब 48 लाख किसानों की विशेष फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है.
  • 2.25 करोड़ का लक्ष्य: आने वाले समय में राज्य के लगभग सवा दो करोड़ किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य तय किया गया है.
  • डिजिटल पासबुक: हर किसान की जमीन का पूरा ब्योरा एक डिजिटल पासबुक में दर्ज किया जा रहा है, जिससे जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े खत्म होंगे और सही हकदार तक सरकारी मदद पहुंचेगी.

अवैध खनन पर लगाम और राजस्व में इजाफा

अपने पिछले मंत्रालयों के कामकाज का जिक्र करते हुए विजय सिन्हा ने बताया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में रहते हुए उन्होंने बालू और भू-माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाया. ट्रांजिट चालान व्यवस्था लागू होने से अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगी, जिससे 2021-22 में जो खनन राजस्व 1,600 करोड़ रुपये था, वह बढ़कर लगभग 3,592 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. आम लोगों और युवाओं को अवैध ओवरलोडिंग की फोटो या वीडियो भेजने पर 10,000 रुपये का इनाम देने की योजना भी कारगर साबित हुई.

बिहार फिल्म नीति से मिला कला को बढ़ावा

कला-संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी संभालने के दौरान लाई गई 'फिल्म नीति' का फायदा अब दिखने लगा है. इस नीति के तहत बिहार में बनने वाली फिल्मों को 4 से 5 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय कलाकारों और युवाओं को मंच देना है. फिलहाल राज्य में दो दर्जन से अधिक फिल्मों पर काम चल रहा है.

कृषि बजट और भावी योजनाएं

कृषि बजट में कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनाव, सत्ता परिवर्तन और सूखे की स्थिति जैसे कारणों से योजनाओं की रफ्तार पर असर पड़ा था. हालांकि, अब सरकार हर जिले में युवाओं और किसानों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दे रही है. मशरूम उत्पादन, बागवानी और पशुपालन जैसी अतिरिक्त गतिविधियों को जोड़कर छोटे किसानों के जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास लगातार जारी है.

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