Bihar Mahila Rojgar Yojana: नीतीश के बाद सम्राट चौधरी का महिलाओं को बड़ा तोहफा, अब मिलेंगे 2 लाख रुपये, जानें किसे मिलेगा फायदा

Mahila Rojgar Yojana: बिहार सरकार की 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता पांच किस्तों में दी जा रही है. पहली किस्त के सफल उपयोग के बाद अब सम्राट चौधरी सरकार पात्र लाभार्थियों को ₹20,000 की दूसरी किस्त जारी करने की तैयारी में है.

बिहार महिला रोजगार योजना
बिहार महिला रोजगार योजना

ऋचा शर्मा

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Bihar Mahila Rojgar Yojana: बिहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू की गई 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' को अब वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई गति दी जा रही है. इस योजना के तहत अब पात्र महिलाओं को ₹2 लाख तक की आर्थिक सहायता देने की तैयारी है.

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दूसरी किस्त के रूप में मिलेंगे ₹20,000

वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार अब लाखों महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में ₹20,000 देने जा रही है [00:18]. इससे पहले पहली किस्त के तौर पर ₹10,000 की राशि पहले ही दी जा चुकी है, जिसका उपयोग कर महिलाओं ने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं. जीविका (Jeevika) द्वारा किए गए सर्वे में यह सामने आया है कि लगभग 70% महिलाओं ने पहली किस्त मिलते ही अपना रोजगार शुरू कर दिया है 

₹2 लाख का गणित: 5 किस्तों में मिलेगी मदद

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें सहायता राशि चरणबद्ध तरीके से दी जा रही है. कुल ₹2 लाख की राशि पांच किस्तों में इस प्रकार मिलेगी:

  • पहली किस्त: ₹10,000 (दी जा चुकी है)
  • दूसरी किस्त: ₹20,000 (जल्द मिलेगी, इसमें ₹5,000 का अंशदान होगा) 
  • तीसरी किस्त: ₹40,000 (₹10,000 का अंशदान)
  • चौथी किस्त: ₹80,000 (₹20,000 का अंशदान)
  • पांचवीं किस्त: ₹50,000 (कोई अंशदान नहीं) 

किन क्षेत्रों में महिलाएं कर रही हैं काम?

सर्वे के दौरान यह पाया गया कि बिहार की महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में अपना हुनर दिखा रही हैं. इनमें मुख्य रूप से:

  • पशुपालन (गाय, बकरी, मुर्गी पालन) 
  • सब्जी और फल की दुकान
  • किराना स्टोर और ब्यूटी पार्लर
  • सिलाई-कढ़ाई और चाय-पकौड़ा स्टॉल 

40 लाख महिलाओं का सर्वे पूरा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 40 लाख महिलाओं का सर्वे पूरा हो चुका है. जैसे-जैसे सर्वे का काम आगे बढ़ेगा, पात्र महिलाओं के खाते में अगली किस्त जारी कर दी जाएगी. सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि उन्हें स्थाई स्वरोजगार से जोड़कर उनके जीवन स्तर को सुधारना है.


 

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