प्रशांत किशोर ने दिल्ली के होटल में मंत्री के साथ ‘चप्पल कांड’ पर सरकार को ही घेरा, पूछा ये सवाल

आशीष अभिनव

• 09:46 AM • 03 Sep 2026

दिल्ली में बिहार के एक मंत्री के साथ कथित मारपीट और चप्पल से पीटे जाने का मामला अब बिहार की सियासत में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. दावा है कि मंत्री पर एक लड़की से छेड़खानी का आरोप लगा, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई. हालांकि, घटना और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कथित 'चप्पल कांड' को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है.

Prashant Kishor On Chappalkand
सांकेतिक तस्वीर
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दिल्ली में बिहार के एक मंत्री के साथ कथित तौर पर मारपीट और चप्पल से पीटे जाने की घटना अब बिहार की सियासत में बड़ा मुद्दा बनती जा रही है. दावा किया जा रहा है कि मंत्री पर एक लड़की से छेड़खानी का आरोप लगा, जिसके बाद दिल्ली में उनके साथ चप्पल से मारपीट की गई. हालांकि, इस घटना और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. लेकिन मामला सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी जरूर तेज हो गई है. 

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PK ने बिहार सरकार पर उठाए सवाल

इस पूरे विवाद में सबसे तीखा हमला जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की तरफ से आया. PK ने कहा कि उन्हें सुनने में आ रहा है कि बिहार के एक मंत्री पर दिल्ली में एक लड़की से छेड़खानी का आरोप लगा और इसके बाद उन्हें चप्पल से मारा गया. प्रशांत किशोर ने सिर्फ कथित घटना का जिक्र नहीं किया, बल्कि इसे बिहार सरकार की कार्यशैली और नेतृत्व से भी जोड़ दिया. यानी PK के निशाने पर सिर्फ एक मंत्री नहीं, बल्कि सरकार की पूरी राजनीतिक संस्कृति और नेतृत्व आ गया.

PK ने ‘चप्पल कांड’ को बनाया सियासी मुद्दा

प्रशांत किशोर के बयान ने इस कथित घटना को बिहार की राजनीति में एक नया सियासी एंगल दे दिया. उन्होंने इसे सरकार के चरित्र और कामकाज पर सवाल उठाने के मौके के तौर पर इस्तेमाल किया. लेकिन इस कहानी में मोड़ तब आया, जब चिराग पासवान का बयान सामने आया और उन्होंने इस कथित घटना को लेकर बिहार सरकार से जांच की मांग कर दी. दरअसल, कथित घटना को लेकर तेज प्रताप यादव ने बिहार सरकार में मंत्री संजय सिंह का नाम लिया. संजय सिंह चिराग पासवान की पार्टी से जुड़े हैं. चिराग के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सियासी बना दिया.

तेज प्रताप के आरोपों पर संजय सिंह का पलटवार

अब विवाद सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा. मंत्री संजय सिंह ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है. संजय सिंह ने तेज प्रताप के आरोपों को बेबुनियाद बताया है और आरोप लगाया है कि इन बयानों के जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई. यानी एक तरफ प्रशांत किशोर इस कथित घटना को बिहार सरकार के नेतृत्व से जोड़कर हमला कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ तेज प्रताप यादव के बयान के बाद मामला सीधे मानहानि नोटिस तक पहुंच गया है.

अब सबसे बड़ा सवाल- आखिर दिल्ली में हुआ क्या था?

इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दिल्ली में उस रात या उस वक्त हुआ क्या था? क्या वाकई बिहार के किसी मंत्री के साथ मारपीट हुई? क्या छेड़खानी का आरोप लगाया गया था? क्या चप्पल से पिटाई की गई? और अगर ऐसा हुआ तो इसकी वजह क्या थी? फिलहाल इन सवालों के जवाब को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है और कथित घटना की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है. लेकिन राजनीतिक तौर पर मामला तेजी से आगे बढ़ रहा है.

‘चप्पल कांड’ में सच क्या है? 

प्रशांत किशोर इसे सरकार के नेतृत्व और राजनीतिक संस्कृति से जोड़कर निशाना साध रहे हैं. तेज प्रताप यादव के आरोपों के बाद संजय सिंह ने 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेज दिया है और चिराग पासवान का बयान भी इस विवाद को लेकर सामने आ चुका है. ऐसे में दिल्ली की एक कथित घटना अब बिहार की राजनीति में बयान, पलटवार और आरोप-प्रत्यारोप की नई वजह बन गई है. सवाल सिर्फ यह नहीं है कि ‘चप्पल कांड’ में सच क्या है, बल्कि यह भी है कि इस पूरे विवाद का बिहार की सियासत पर कितना असर पड़ता है.