बिहार में आज यानी गुरुवार 14 मई की शाम 6 जिलों में सिविल डिफेंस की ओर से ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल की जाएगी. इस दौरान बिजली काट दी जाएगी और पूरा अंधेरा छाया रहेगा. यह मॉक ड्रिल हवाई हमले और आपात स्थिति के दौरान प्रशासन और आम नागिरकों की तैयारियों को परखने के लिए किया जा रहा है. प्रशासन ने जनता से अपील की है कि इस अभ्यास के दौरान घबराएं नहीं बल्कि प्रशासन का सहयोग करें. उन्होंने साफ किया है कि यह केवल सुरक्षा तैयारियों के जांच के लिए किए जाना वाला एक प्रैक्टिस है. विस्तार से जानिए पूरी बात.
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कब और क्या होगा मॉक ड्रिल में?
गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मॉक ड्रिल शाम 7 से 7:15 बजे तक चलेगा. इस दौरान राजधानी पटना सहित 6 जिलों में बिजली पूरी तरह बंद कर दी जाएगी, जिसकी वजह से सड़क, घर, बाजार और सार्वजनिक पर पूरा अंधेरा छाया रहेगा. प्रशासन ने लोगों को कहा है कि जैसे ही सायरन की आवाज आपको सुनाई दें जो अपनी जगह पर सतर्क हो जाए और निर्देशों का पालन करें. इसके अलावा सायरन बजते ही सड़कों पर गाड़ियां रोक दी जाएगी ताकि इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम की जांच की जा सकें.
किन जिलों में बजेगा सायरन?
यह मॉक ड्रिल राजधानी पटना के अलावा किशनगंज, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में आयोजित की जा रही है. इन जिलों में सिविल डिफेंस, जिला प्रशासन, पुलिस और वहां मौजूद आपदा प्रबंधन विभाग मिलकर यह अभ्यास करेंगी.
पटना में विशेष तैयारी
पटना में इस मॉक ड्रिल को लेकर विशेष तैयारियां की गई है और यहां करीब 100 जगहों पर युद्ध वाला सायरन बजाया जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक शाम ठीक 6:58 बजे पटना नगर निगम सहित दानापुर निजामत, खगौल और फुलवारीशरीफ के सौ से ज्यादा इलाकों में सायरन की आवाज सुनाई देगी. इसके दो मिनट बाद यानी 7 बजे पूरे शहर में ब्लैकआउट हो जाएगा. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस दौरान घर के लाइट बंद रखें और जरूरत नहीं हो तो सड़क पर नहीं निकले.
क्यों हो रहा मॉक ड्रिल?
इस अभ्यास के पीछे का मकसद हवाई हमले या किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन की आम जनता को लेकर तैयारियों को परखना है. जिला प्रशासन ने भी कहा है कि यह अभ्यास राष्ट्रीय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का हिस्सा है. साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें और इस अभ्यास में प्रशासन की मदद करें.
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