बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग संचालकों के बीच हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. जेल से बाहर आने के बाद ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद (Raushan Anand) ने एक इंटरव्यू में बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज दावे किए हैं. रौशन आनंद ने सीधे तौर पर विरोधी पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कोचिंग के अंदर ऐसी गतिविधियां और कुकृत्य होते हैं, जिनकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता.
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तीन लोगों का है नेक्सेस, कैंपस में होता है कुकृत्य
बिहार तक से बातचीत के दौरान जब रौशन आनंद से पूछा गया कि क्या कैंपस में लड़कियों से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि या कथित ऑडियो जैसा कोई मामला होता है? इस पर उन्होंने दावा किया, "वहां बहुत घटिया कार्य होता है. इतना बड़ा कुकृत्य होता है कि आप विश्वास नहीं कर सकते."
रौशन आनंद ने आरोप लगाते हुए तीन नाम लिए. उन्होंने कहा कि फैजल खान, आर एस प्रसाद और सावित्री कंप्यूटर के मालिक का एक बड़ा नेक्सेस (गठजोड़) है. उन्होंने दावा किया कि उस पूरे कैंपस के शिक्षकों और आसपास के लोगों से अगर ऑफ-कैमरा बात की जाए, तो सच्चाई सामने आ जाएगी, लेकिन डर के मारे कोई ऑन-कैमरा बोलने को तैयार नहीं होता.
मुझे बर्बाद करने की रची गई थी बड़ी साजिश
विवाद और अपनी गिरफ्तारी के दिन को याद करते हुए रौशन आनंद ने कहा, "मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरे साथ ऐसा कुछ हो जाएगा." उन्होंने विरोधी पक्ष के फैजल खान पर प्रशासन को गुमराह करने का आरोप लगाया. रौशन ने कहा कि फैजल खान ने पुलिस को भ्रमित किया कि हमारी तरफ से गोली चलाई गई थी.
उन्होंने आगे कहा, "यह तो ईश्वर का शुक्रिया है कि सही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने सच्चाई सबके सामने ला दी. वरना मुझे पूरी तरह से बर्बाद करने की एक बड़ी साजिश रची गई थी."
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
रौशन आनंद ने अपनी गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई पर भी गंभीर कानूनी उल्लंघन के आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया:
उनका कोचिंग कदमकुआं थाना क्षेत्र में आता है और वे आलमगंज इलाके में रहते हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी की सूचना आलमगंज पुलिस को नहीं दी गई. गिरफ्तारी के बाद उन्हें कदमकुआं थाना ले जाने के बजाय सीधे दीघा ले जाया गया. दीघा से उन्हें एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया, जहां वे मेडिकली अनफिट पाए गए.
आरोप है कि इसके बाद कदमकुआं थाने के सब-इंस्पेक्टर ने राजेंद्र नगर अस्पताल से कथित सेटिंग कर बिना सही तरीके से जांच करवाए ही उन्हें कागजों पर 'मेडिकली फिट' घोषित करवा दिया.
रौशन आनंद ने बताया कि पुलिस द्वारा किए गए इस कथित नियम-कानून के उल्लंघन और गलत तरीके से मेडिकल फिट बनाने की शिकायत उन्होंने पटना के एसएसपी (SSP) महोदय से लिखित आवेदन देकर की है और न्याय की गुहार लगाई है.
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