बिहार पुलिस का मेगा ऑपरेशन, बाल तस्करी और देह व्यापार पर बड़ी कार्रवाई

ऋचा शर्मा

28 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 28 2026 5:07 PM)

बिहार पुलिस के नया सवेरा 3.0 अभियान में 157 पीड़ितों को मुक्त कराया गया और 109 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया. अभियान के दौरान बाल श्रम, मानव तस्करी, महिला सुरक्षा और देह व्यापार के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

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15 दिन चले नया सवेरा 3.0 अभियान में 157 पीड़ितों को मुक्त कराया गया

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25 नाबालिग लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा और लैंगिक अपराध से बचाया गया

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1005 पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) टीमें बनाकर 612 मनचलों पर कार्रवाई की गई

बिहार में अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करते हुए बिहार पुलिस ने "नया सवेरा 3.0" के तहत बड़ी कार्रवाई की है. इस अभियान के दौरान बाल श्रम, मानव तस्करी, देह व्यापार, बाल विवाह और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में कई बड़ी सफलताएं मिली हैं. पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं बल्कि पीड़ितों को सुरक्षित बचाकर उनका पुनर्वास सुनिश्चित करना भी है.

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15 दिन में बड़ी कार्रवाई

बिहार पुलिस और प्रशासन ने 1 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सहयोग से "नया सवेरा 3.0" अभियान चलाया. यह अभियान पहले के दो चरणों की सफलता के बाद शुरू किया गया. अभियान के दौरान बाल श्रम और मानव तस्करी के मामलों पर विशेष फोकस रखा गया.

157 पीड़ितों को कराया गया मुक्त

अभियान के दौरान बाल श्रम के 25 मामलों में 60 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया. लैंगिक अपराध और ऑर्केस्ट्रा या डांस ग्रुप से जुड़े 9 मामलों में 25 नाबालिग बच्चियों को बचाया गया. इसके अलावा अनैतिक देह व्यापार से जुड़े मामलों में 53 पीड़ितों को मुक्त कराया गया. अन्य मानव तस्करी के मामलों में 19 बच्चों और बच्चियों को रेस्क्यू किया गया. इस तरह कुल 157 पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

109 मानव तस्कर गिरफ्तार

कार्रवाई के दौरान मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े कुल 109 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें कई महिला आरोपी भी शामिल हैं. पुलिस ने इन मामलों में कई एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

दूसरे राज्यों और नेपाल की पीड़िताएं भी मिलीं

पुलिस मुख्यालय के अनुसार अभियान में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, असम और नेपाल की पीड़िताओं को भी सुरक्षित बचाया गया. सभी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके गृह राज्यों और जिलों तक सुरक्षित भेजने की व्यवस्था की गई.

महिला सुरक्षा पर भी विशेष फोकस

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्यभर में 1005 पुलिस दीदी यानी अभया ब्रिगेड की टीमें बनाई गई हैं. इन टीमों ने 612 मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की है और 20 मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराई है.इसके अलावा 355 निजी महिला छात्रावासों को चिन्हित कर वहां CCTV कैमरे, बायोमेट्रिक सिस्टम और विजिटर रजिस्टर जैसी सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं.

गुमशुदा बच्चों और लंबित मामलों पर भी कार्रवाई

विशेष अभियान के दौरान 10,589 गुमशुदा बच्चों की जानकारी मिशन वात्सल्य पोर्टल पर अपलोड की गई. जून 2026 में दर्ज 209 मामलों में से अब तक 32 बच्चों को बरामद किया जा चुका है.पुलिस ने अदालत में चल रहे मामलों की निगरानी के लिए TMS पोर्टल पर 668 मामलों का रिकॉर्ड भी अपलोड किया है. जून 2026 में बलात्कार के 30 मामलों और POCSO के 27 मामलों में कई आरोपियों को अदालत से सजा भी दिलाई गई.

मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि बिहार में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने महिला अपराध और मानव तस्करी जैसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज करने, समय पर चार्जशीट दाखिल करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के निर्देश दिए हैं.