'नीतीश कुमार को कोई माई का लाल दफन नहीं कर सकता', आनंद मोहन के बयानों पर भड़के JDU नेता संजय सिंह

JDU Latest News: बिहार की राजनीति में जेडीयू और पूर्व सांसद आनंद मोहन के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. आनंद मोहन के आरोपों पर जेडीयू MLC संजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को कोई 'माई का लाल' दफन नहीं कर सकता. जानिए थैली वाले आरोप, चेतन आनंद, लवली आनंद, 90 के दशक की राजनीति और बिहार NDA की अंदरूनी सियासत पर क्या बोले जेडीयू नेता.

Sanjay Singh JDU on Anand Mohan
Sanjay Singh JDU on Anand Mohan

अनिकेत कुमार

follow google news

बिहार की सियासत में इन दिनों पूर्व सांसद आनंद मोहन के बयानों को लेकर घमासान मचा हुआ है. जनता दल यूनाइटेड को लेकर दिए जा रहे आनंद मोहन के बयानों पर अब जेडीयू के नेताओं ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई है. आनंद मोहन के आरोपों पर पलटवार करते हुए जेडीयू के विधान पार्षद (MLC) संजय सिंह ने उन पर जोरदार हमला बोला है. संजय सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कोई माई का लाल दफन नहीं कर सकता है, क्योंकि वे राज्य की 14 करोड़ जनता के दिलों में बसते हैं.

Read more!

आनंद मोहन के 'थैली' वाले बयान पर पलटवार

दरअसल, आनंद मोहन ने आरोप लगाया था कि जेडीयू में नीतीश कुमार को जिंदा दफनाया जा रहा है और पार्टी में उन लोगों को मंत्री बनाया जा रहा है जो थैली लेकर पहुंच रहे हैं. इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए संजय सिंह ने कहा कि जो लोग खुद थैली लेने की बात कर रहे हैं, वही ऐसी बातें बना रहे हैं.

संजय सिंह ने आनंद मोहन से सवाल पूछते हुए याद दिलाया कि शिवहर से कई बार की सांसद रहीं रामा देवी, जिन्हें बेस्ट सांसद का अवार्ड भी मिला था, उनका टिकट काटकर आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद को दिया गया. इसके अलावा नवीन नगर से उनके बेटे को टिकट मिला. संजय सिंह ने पूछा कि क्या वे लोग उस समय थैली लेकर जेडीयू के पास गए थे? उन्होंने दावा किया कि जनता दल यूनाइटेड में विधान परिषद, राज्यसभा, सांसद या विधायक, किसी भी टिकट के लिए कोई थैली की बात नहीं कर सकता.

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के यहां दरबारी करने का आरोप

आनंद मोहन द्वारा जेडीयू के कई वरिष्ठ नेताओं पर पार्टी को खत्म करने के आरोपों का भी संजय सिंह ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि आनंद मोहन आज जिन नेताओं के खिलाफ विष उगल रहे हैं, कभी टिकट के लिए उन्हीं के यहां जाकर दरबारी करते थे. सिंह ने जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि आनंद मोहन पहले इनके चक्कर काटते थे और आज इन्हीं के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, जिसे बिहार की जनता अच्छी तरह देख रही है.

90 के दशक को लेकर साधा निशाना

जेडीयू एमएलसी ने आनंद मोहन के पुराने दौर का जिक्र करते हुए उन पर तीखा हमला बोला. संजय सिंह ने कहा कि 90 के दशक को याद कीजिए, जब कोसी क्षेत्र में खून की होली बह रही थी. उस दौर में कितनी ही माताएं और बहनें विधवा हो गईं, लेकिन आनंद मोहन कभी पलटकर देखने तक नहीं गए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज वे खुद को 'सिंह इज किंग' कहते हैं, लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि यह लोकतंत्र है, जनतंत्र है, यहां जनता का राज चलता है.

पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बनने का आरोप

संजय सिंह ने आनंद मोहन की वर्तमान राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे पुत्र मोह में पूरी तरह धृतराष्ट्र बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि आनंद मोहन सिर्फ इस कोशिश में रहते हैं कि उनका अपना परिवार कैसे सेटल हो और उनका बेटा कैसे मंत्री बने. संजय सिंह ने कहा कि उन्हें उस समय ज्यादा खुशी होती जब आनंद मोहन क्षत्रिय समाज से किसी दूसरे व्यक्ति को जिताने या आगे बढ़ाने के लिए लड़ाई लड़ते, लेकिन वे सिर्फ अपने परिवार के स्वार्थ में लगे हुए हैं.

'नीतीश सरकार बचाने में केवल एक का हाथ नहीं'

जब आनंद मोहन के इस दावे पर सवाल किया गया कि जब तेजस्वी यादव सरकार गिराने की कोशिश कर रहे थे, तब उनके बेटे चेतन आनंद ने नीतीश कुमार की सरकार बचाई थी, तो संजय सिंह ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार बचाने में केवल एक व्यक्ति नहीं था बल्कि संगीता जी, गौतम जी, भरत बिन और नीलम देवी जैसे कई लोग शामिल थे जिन्होंने सरकार का समर्थन किया. 

आनंद मोहन के 'सरकार गिराने की हैसियत' रखने वाले बयान पर पलटवार करते हुए सिंह ने कहा कि यह सब बातें उनकी औकात से बाहर की चीजें हैं. उन्होंने याद दिलाया कि साल 2020 में लवली आनंद खुद सहरसा से आरजेडी के टिकट पर 20 हजार वोटों से चुनाव हार गई थीं, इसलिए वे जेडीयू को लेकर ज्यादा मुंह न खोलें, वैसे भी वे अब इस पार्टी में हैं नहीं.

यहां देखें वीडियो

ADR रिपोर्ट में बड़े खुलासे!… बिहार कैबिनेट में10वीं-12वीं तक पढ़े हैं इतने मंत्री, आधे पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज!

    follow google news