बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण कर ली है, जिसके बाद अब राज्य में 'सत्ता ट्रांसफर' (Power Transfer) की कवायद तेज हो गई है. हालांकि, दिल्ली से लेकर पटना तक बैठकों का दौर जारी है, लेकिन जेडीयू और बीजेपी के बीच कई अहम पदों को लेकर पेच फंसता नजर आ रहा है.
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नीतीश का 'संसदीय सफर' हुआ पूरा
नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले ली है. इसके साथ ही वह उन चुनिंदा नेताओं में शुमार हो गए हैं जो विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा, यानी संसद और राज्य विधानमंडल के चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं. शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार पटना लौट आए हैं, जहां से अब नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी.
JDU और BJP के बीच कहां फंसा है मामला?
भले ही एनडीए (NDA) में सब कुछ ठीक होने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन पदों के बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है. मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- मुख्यमंत्री का पद: चर्चा है कि इस बार मुख्यमंत्री बीजेपी की तरफ से होगा. सम्राट चौधरी का नाम रेस में सबसे आगे चल रहा है.
- डिप्टी सीएम और गृह विभाग: यदि सीएम बीजेपी का होता है, तो क्या जेडीयू के पास डिप्टी सीएम का पद और गृह विभाग जाएगा? बताया जा रहा है कि निशांत ने अभी तक डिप्टी सीएम बनने के लिए हामी नहीं भरी है.
- स्पीकर पद पर दावा: जेडीयू इस बार विधानसभा स्पीकर का पद अपने पास रखना चाहती है. जेडीयू का मानना है कि स्पीकर का पद होने से पार्टी का महत्व बना रहेगा और भविष्य की किसी भी राजनीतिक अस्थिरता में उनका पलड़ा भारी रहेगा.
- सहयोगी दलों की भूमिका: चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों के कद और मंत्रियों की संख्या को लेकर भी बातचीत जारी है.
विजय चौधरी का बयान और सस्पेंस
जेडीयू नेता विजय चौधरी ने सरकार बनने के सवाल पर कहा कि मुख्यमंत्री वही बनेगा जिसे एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा. उन्होंने इसे पांच दलों का मामला बताते हुए कहा कि फिलहाल इंतजार करना चाहिए. [01:50] जब उनसे उनके नाम की चर्चा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि "इतना कहकर आपने मेरा दिल बहला दिया."
बिहार की राजनीति में यह 5 साल के कार्यकाल में तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ की तैयारी है. अब देखना यह होगा कि बीजेपी और जेडीयू की इस 'बारगेनिंग' में कौन बाजी मारता है और पटना में होने वाली बैठक में किसके नाम पर मुहर लगती है.
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