बिहार की राजनीति इस वक्त एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अगले कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर बिहार की सत्ता में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. सबकी निगाहें अब 9 अप्रैल को दिल्ली में होने वाली जेडीयू (JDU) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पर टिकी हैं, जहां नीतीश कुमार कुछ 'चौंकाने वाले' फैसले ले सकते हैं.
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दिल्ली की बैठक और इस्तीफे की सुगबुगाहट
जेडीयू खेमे में मची हलचल इस बात का संकेत दे रही है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में होने वाली बैठक में जेडीयू की भविष्य की रणनीतियों और बिहार में एनडीए (NDA) सरकार के नए स्वरूप पर चर्चा होगी. कहा जा रहा है कि दिल्ली से वापस पटना लौटने के बाद नीतीश कुमार आधिकारिक तौर पर अपने इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं.
निशांत कुमार की 'पॉलिटिकल लॉन्चिंग'?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण नाम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का उभरकर सामने आया है. निशांत पहले ही जेडीयू में शामिल हो चुके हैं और अब चर्चा है कि उन्हें नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.
डिप्टी सीएम या मंत्री: अटकलें हैं कि निशांत कुमार को अगली सरकार में डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है, हालांकि नीतीश कुमार उन्हें फिलहाल मंत्री पद और संगठन में बड़ी भूमिका देने के पक्ष में बताए जा रहे हैं.
कार्यकर्ताओं की मांग: जेडीयू के कई विधायक और कार्यकर्ता निशांत कुमार को ही मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में देख रहे हैं.
कौन होगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री?
नीतीश कुमार के हटने की स्थिति में भाजपा के कोटे से नया मुख्यमंत्री बनने की प्रबल संभावना है.
सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे: सीएम पद की रेस में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है. नीतीश कुमार ने भी कई बार सार्वजनिक मंचों से उनके नाम का संकेत दिया है.
शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात: दिल्ली दौरे के दौरान नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं, जहाँ नए सीएम फेस पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है.
बिहार में जेडीयू (85 विधायक) और भाजपा (89 विधायक) के संख्या बल को देखते हुए यह बदलाव सत्ता के संतुलन को नई दिशा देगा. क्या नीतीश कुमार वाकई अपनी कुर्सी छोड़ेंगे या कोई नया राजनीतिक दांव खेलेंगे? इसका जवाब दिल्ली की बैठक के बाद ही साफ़ हो पाएगा.
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