बिहार के चर्चित घोटालेबाज ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े टेंडर घोटाला मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है. इस पूरे मामले में एसवीयू की टीम ने लगातार छापेमारी और दबिश के बाद तीन बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए इन अधिकारियों में भवन निर्माण विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर तारणी दास, वित्त विभाग के पूर्व संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी और नगर विकास विभाग के तहत बुडको (BUIDCO) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर उमेश कुमार सिंह का नाम शामिल है. इन अधिकारियों की गिरफ्तारी की पुष्टि सुबह ही एसवीयू के एडीजी पंकज कुमार दराद द्वारा की गई है.
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भ्रष्टाचार से अर्जित 11 करोड़ से अधिक की संपत्ति बरामद
स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) के अनुसार, गिरफ्तार किए गए इन तीनों अधिकारियों के पास से भ्रष्टाचार और अवैध तरीकों से अर्जित की गई करीब 11 करोड़ 53 लाख रुपये की काली संपत्ति बरामद और जब्त की गई है. इस मामले में सबसे बड़ी बरामदगी भवन निर्माण विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर तारणी दास के ठिकानों से हुई, जहां ईडी की छापेमारी के दौरान करीब 8 करोड़ 53 लाख रुपये का भारी-भरकम कैश बरामद किया गया था. इसके अलावा वित्त विभाग के तत्कालीन संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी के ठिकानों से लगभग 2 करोड़ रुपये नगद और बुडको के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर उमेश कुमार सिंह के ठिकाने से करीब 1 करोड़ रुपये नगद बरामद किए गए हैं.
पूर्व चीफ इंजीनियर का कॉन्ट्रैक्ट रद्द और कानूनी कार्रवाई
इन सभी भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के तहत प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. पटना स्थित एसवीयू थाने में मुमुक्षु चौधरी के खिलाफ एफआईआर संख्या 24/25 और पूर्व चीफ इंजीनियर तारणी दास के खिलाफ एफआईआर संख्या 25/25 दर्ज की गई है. आपको बता दें कि तारणी दास 31 अक्टूबर 2024 को रिटायर हो गए थे, जिसके बाद उन्हें दो सालों का सेवा विस्तार दिया गया था. हालांकि, जांच एजेंसी की इस बड़ी कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए उनके इस कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया है.
पूछताछ में रिशु श्री के खुलासे से मंचा हड़कंप
दरअसल, चर्चित ठेकेदार रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद से ही लगातार बड़े अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई थी. रिशु श्री टेंडर घोटाले को अंजाम देने के लिए आईएएस और अन्य बड़े अधिकारियों की मदद लेता था और इसके बदले में वह अधिकारियों के परिवारों को फॉरेन ट्रिप कराता था या फिर उनके घरों की बागवानी का खर्च उठाता था. रिशु श्री और उसके सहयोगी संतोष की गिरफ्तारी के बाद जैसे-जैसे जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं, वैसे-वैसे इस घोटाले में संलिप्त नए-नए नाम सामने आ रहे हैं. इस मामले में पहले भी दो अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें एक आईएएस अभिलाषा का नाम भी शामिल था.
जांच जारी, कई और रसूखदारों पर गिरेगी गाज
इस मामले में अब तक कुल मिलाकर पांच लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें दो पहले पकड़े गए लोग और अब ये तीन नए अधिकारी शामिल हैं. एसवीयू का साफ कहना है कि टेंडर घोटाले की यह जांच अभी थमी नहीं है बल्कि लगातार जारी है. रिशु श्री से लगातार पूछताछ की जा रही है और जांच टीम का दबाव बना हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े कई और बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और रसूखदारों के नाम सामने आ सकते हैं, जिस वजह से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.
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