DGP से मुख्य सूचना आयुक्त बने विनय कुमार, अब क्या होगी उनकी नई जिम्मेदारी?

ऋचा शर्मा

• 07:41 PM • 27 Sep 2026

बिहार के पूर्व DGP विनय कुमार को मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है. IPS से VRS लेने के बाद अब उनकी नई जिम्मेदारी RTI से जुड़े मामलों की सुनवाई और निपटारे की होगी. सूचना नहीं मिलने की शिकायत, दूसरी अपील, अधिकारियों से जवाब और रिकॉर्ड मांगने समेत सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों में आयोग की भूमिका अहम होगी.

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बिहार के पूर्व DGP विनय कुमार को अब नई जिम्मेदारी मिली है. IPS से VRS लेने के बाद उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है. पुलिस विभाग में लंबे समय तक अहम जिम्मेदारियां संभालने के बाद अब उनकी भूमिका पूरी तरह अलग होगी. उनके काम का सीधा संबंध सूचना के अधिकार यानी RTI से होगा.

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मुख्य सूचना आयुक्त का काम क्या होता है?

मुख्य सूचना आयुक्त बिहार सूचना आयोग के प्रमुख होते हैं. RTI के तहत किसी नागरिक को सरकारी विभाग से मांगी गई सूचना नहीं मिलती है, या सूचना देने से जुड़ा विवाद सामने आता है, तो मामला सूचना आयोग तक पहुंच सकता है.

ऐसे मामलों में आयोग दूसरी अपील और शिकायतों की सुनवाई करता है. मुख्य सूचना आयुक्त को RTI कानून के तहत मामलों की सुनवाई करने और जरूरी आदेश जारी करने की जिम्मेदारी होती है.

अधिकारियों से जवाब और रिकॉर्ड मांग सकते हैं 

RTI से जुड़े किसी मामले की सुनवाई के दौरान सूचना आयोग संबंधित लोक सूचना अधिकारी या दूसरे अधिकारियों से जवाब मांग सकता है. जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड और दस्तावेज भी मंगाए जा सकते हैं.

यानी अब विनय कुमार की भूमिका सरकारी विभागों में पुलिसिंग या कानून-व्यवस्था देखने की नहीं, बल्कि RTI के जरिए मांगी गई सरकारी सूचनाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई करने की होगी.

सूचना देने में लापरवाही पर जुर्माने का प्रावधान

RTI Act की धारा 20 के तहत अगर कोई लोक सूचना अधिकारी बिना उचित कारण सूचना देने में देरी करता है, सूचना देने से इनकार करता है या कानून के प्रावधानों का पालन नहीं करता, तो सूचना आयोग जुर्माने की कार्रवाई कर सकता है.

इसलिए मुख्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी सिर्फ शिकायत सुनने तक सीमित नहीं है. उन्हें यह भी देखना होता है कि RTI कानून के तहत नागरिकों को मिलने वाले सूचना के अधिकार का पालन हो रहा है या नहीं.

सरकारी कामकाज में पारदर्शिता से जुड़ी जिम्मेदारी

सूचना का अधिकार नागरिकों को सरकारी कामकाज से जुड़ी जानकारी हासिल करने का कानूनी रास्ता देता है. सूचना आयोग इसी अधिकार से जुड़े विवादों और अपीलों के निपटारे के लिए काम करता है.

विनय कुमार के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी अलग होगी क्योंकि इससे पहले वह बिहार पुलिस के शीर्ष पद पर रहकर पुलिस प्रशासन संभाल रहे थे. अब उनकी नई भूमिका में RTI, अपील, शिकायत, सुनवाई और सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों पर फोकस रहेगा.

 कौन हैं विनय कुमार?

विनय कुमार 1991 बैच के बिहार कैडर के IPS अधिकारी हैं. मूल रूप से वैशाली जिले के रामपुरानी गांव के रहने वाले विनय कुमार ने IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. तीन दशक से ज्यादा लंबे पुलिस करियर में उन्होंने बिहार में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं.

विनय कुमार एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, एडीजी सीआईडी और बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के डीजी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. दिसंबर 2024 में उन्हें बिहार का DGP बनाया गया था और उन्होंने आलोक राज की जगह पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी संभाली थी.

अब सितंबर 2026 में विनय कुमार ने DGP पद से VRS ले लिया है और उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है. यानी पुलिस प्रशासन के बाद अब उनकी नई जिम्मेदारी RTI और सरकारी सूचनाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई और निपटारे की होगी.