Exclusive: जिस महिला के साथ सरेआम रेप की कोशिश कर वायरल किया वीडियो, उसने खुद बताई पूरी आपबीती!

Bihar viral video case truth: बिहार में वायरल वीडियो मामले में पीड़िता ने खुद सामने आकर पूरी सच्चाई बताई. गांव में अफवाह के बाद महिला के साथ मारपीट, छेड़छाड़ और जबरन शादी की कोशिश की गई. मामले में अशोक यादव समेत कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है. विनय कुमार ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है. विस्तार से जानिए पूरी बात.

Bihar viral video case truth
Bihar viral video case truth

अनिकेत कुमार

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सोशल मीडिया पर हाल के दिनों में एक वीडियो आग की तरह फैल रहा था, जिसमें एक युवती के साथ कुछ लोग सरेआम दरंदगी कर रहे थे. इस पूरे हादसे की तुलना मणिपुर में हुए कांड से की जा रही थी और पूरे देश में इस वीडियो ने हड़कंप मचा दिया था. लेकिन अब बिहार तक की टीम ने पीड़िता से खास बातचीत की है, जिसमें उन्होंने घटना की पूरी सच्चाई और अपने ऊपर हुए जुल्म की दास्तां बयां की है. पीड़िता ने खुद बताया है कि कैसे लोगों ने उसके साथ दरिंदगी की हदें पार कर दी है. विस्तार से जानिए इस शर्मसार करने वाली घटना की पूरी कहानी.

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क्या था पूरा मामला?

पीड़िता के अनुसार, उनकी 12 साल की बेटी अपनी नानी के घर रहकर पढ़ाई करती है. बेटी के खाते में 1000 रुपए भेजने के लिए वे गांव के ही एक दुकानदार के पास गई थीं, जो मोबाइल रिपेयरिंग और पैसे भेजने का काम करता है. दुकानदार का नंबर ब्लॉक होने के कारण वे सीधे उसकी दुकान पर पहुंचीं, लेकिन दुकानदार वहां नहीं था.

अफवाह और बर्बरता

पीड़िता दुकानदार से मिलने एक दालान (बैठक) में गई, जहां वह तीन-चार लोगों के साथ बैठा था. इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने गलत अफवाह फैला दी कि वे दोनों वहां कुछ गलत काम कर रहे हैं. लोगों ने दोनों को एक कमरे में बंद किया और बाहर से ताला मार दिया. फिर शोर मचाना शुरू कर दिया.

लेकिन जब खिड़की तोड़कर वे दोनों बाहर निकले, तो भीड़ ने दोनों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. पीड़िता ने आरोप लगाया कि चार लोगों अशोक यादव, मटरू महतो, रविकांत और मुन्ना पंडित ने उनके साथ छेड़खानी की और उनके कपड़े तक खींचने की कोशिश की.

जबरन शादी का दबाव

पीड़िता ने बताया कि दबंगों ने उनका मुंह बंद कर दिया और घसीटते हुए गांव के मंदिर ले गए. वहां मौजूद भीड़ ने जबरदस्ती दोनों की शादी करवाने का प्रयास किया. पीड़िता ने बार-बार कहा कि वे शादीशुदा हैं और उनके तीन बच्चे हैं, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी. 

अकेली पाकर बनाया निशाना

पीड़िता के पति पुणे में नौकरी करते हैं और वे घर पर अपनी बीमार सास और दो बच्चों के साथ अकेली रहती हैं. उन्होंने बताया कि समाज के किसी भी व्यक्ति ने उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की, बल्कि सभी तमाशा देखते रहे.

घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता और दुकानदार को भीड़ से छुड़ाया. इस मामले में पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

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