बिहार में 16 सितंबर को मौसम एक बार फिर सक्रिय रहने वाला है. मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है. खास तौर पर उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बिहार में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है. वहीं भभुआ, किशनगंज और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. विस्तार से जानिए मौसम का पूरा अपडेट.
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16 सितंबर को कैसा रहेगा बिहार का मौसम?
मौसम विभाग के सात दिनों के वर्षा पूर्वानुमान के अनुसार, 16 सितंबर को उत्तर-पश्चिम बिहार में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है. इस क्षेत्र में पश्चिमी चंपारण, सीवान, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज जिले शामिल हैं. उत्तर-मध्य बिहार में भी अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना है. इस क्षेत्र में सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर और समस्तीपुर शामिल हैं.
वहीं उत्तर-पूर्व बिहार में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार इस क्षेत्र में आते हैं. दक्षिण-पश्चिम बिहार में भी कुछ स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है। इस क्षेत्र में बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल जिले शामिल हैं. इसके अलावा दक्षिण-मध्य बिहार के पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में एक-दो स्थानों पर बारिश हो सकती है. दक्षिण-पूर्व बिहार में भी 16 सितंबर को एक-दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। इस क्षेत्र में भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया जिले शामिल हैं.
इन इलाकों में 30-40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के मुताबिक 16 सितंबर को उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है.
इसका मतलब है कि पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल समेत संबंधित क्षेत्रों में मौसम के दौरान तेज हवा और वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की जरूरत होगी.
मौसम में बदलाव के पीछे क्या है कारण?
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, कच्छ से लगे भाग और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र 15 सितंबर को भी उसी क्षेत्र में बना हुआ था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तृत है.
इसके अलावा मानसून की अक्षीय रेखा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, कच्छ से लगे भाग और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र से होते हुए उदयपुर, रायसेन, पेंड्रा रोड, रांची और दीघा से गुजर रही है और वहां से दक्षिण-पूर्व दिशा में उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है.
अगले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों पर अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना है. वहीं अगले 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं होने का अनुमान है. 17 सितंबर को उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य और दक्षिण-मध्य बिहार में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवा के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना है. इस दिन औरंगाबाद, बेगूसराय, खगड़िया और रोहतास में भारी बारिश का अलर्ट है. 18 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बिहार में तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना है. इसके बाद 19, 20 और 21 सितंबर के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है.
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश के दौरान जान-माल और पशुओं को नुकसान की आशंका जताई है. लोगों को सतर्क रहने और खुले में होने पर जल्द से जल्द पक्के मकान में शरण लेने की सलाह दी गई है. ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और विद्युत संचालक वस्तुओं से दूर रहने को कहा गया है. भारी बारिश के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ने और शहरों के निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है. अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह भी दी गई है.
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