पश्चिम चंपारण में बाढ़ ने हालात बिगाड़ रखे हैं और इसी बीच बीजेपी के अपने ही विधायक ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. लौरिया से बीजेपी विधायक विनय बिहारी मंगलवार को बेतिया समाहरणालय पहुंचे, लेकिन जब अधिकारियों से मुलाकात नहीं हुई तो उन्होंने समाहरणालय परिसर में ही गमछा बिछाया और धरने पर बैठ गए. मुद्दा था बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने का. विधायक का आरोप है कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद कई प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रही हैं. उन्होंने पॉलिथीन, राशन और दूसरी जरूरी सामग्री तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की.
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करीब चार घंटे इंतजार करते रहे विधायक
विनय बिहारी के मुताबिक, वह करीब चार घंटे तक जिलाधिकारी समेत अधिकारियों से मिलने का इंतजार करते रहे. जब मुलाकात नहीं हुई तो उन्होंने समाहरणालय परिसर में ही धरना शुरू कर दिया. मामला तब और दिलचस्प हो गया, जब बीजेपी विधायक ने अपनी ही सरकार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मौके पर आने की मांग रख दी. उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने नहीं आते, तब तक वह धरने से नहीं उठेंगे.
अपने राजा के आने का इंतजार कर रहा हूं- विनय बिहारी
धरने पर बैठे विधायक ने अपनी नाराजगी भी बिल्कुल अलग अंदाज में जाहिर की. उन्होंने कहा, "दुख है, दर्द है, मैं आह भर रहा हूं, अपने राजा के आने का इंतजार कर रहा हूं. ऊपर श्रीहरि, नीचे सम्राट चौधरी." यानी एक तरफ बाढ़ का संकट और दूसरी तरफ अपनी ही सरकार के सिस्टम से नाराज विधायक का धरना. विनय बिहारी ने साफ कर दिया कि उनकी मांग सिर्फ अधिकारियों से नहीं, सीधे मुख्यमंत्री से है.
बाढ़ प्रभावितों को राहत देने में देरी नहीं होनी चाहिए- विनय बिहारी
विधायक ने कहा कि वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि "हेलीकॉप्टर गरजेगा, उसको देखेंगे और अपना गमछा उठाकर चले जाएंगे. विनय बिहारी की इस बात ने धरने को और सुर्खियों में ला दिया. उनका कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए. धरने की जानकारी मिलने के बाद बेतिया डीडीसी काजले वैभव नितिन ने विधायक से बातचीत की. हालांकि, बातचीत के बाद भी विनय बिहारी अपनी मांग पर कायम रहे.
सीएम का पश्चिम चंपारण दौरा भी प्रस्तावित
पश्चिम चंपारण में बाढ़ के बीच बीजेपी विधायक का अपनी ही सरकार के खिलाफ इस तरह धरने पर बैठना अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है. फिलहाल विधायक मुख्यमंत्री के मौके पर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने की मांग पर अड़े हैं. जानकारी मिल रही है कि सीएम का पश्चिम चंपारण दौरा भी प्रस्तावित है.
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