कहते हैं ना जब इरादे फौलादी हो तो रास्तों में लाख मुश्किलें आए, इंसान उसे पार कर ही जाता है. कुछ ऐसी ही कहानी बिहार लोक सेवा आयोग(BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के फाइनल परिणाम आने के बाद देखने को मिली है. उत्तर प्रदेश की रहने वाली श्रद्धा पांडे ने अपनी मेहनत और लगन से BPSC परीक्षा में पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है. यूपी के प्रतापगढ़ की रहने वाली श्रद्धा को 593 अंक मिले हैं. साथ ही वे फिलहाल उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत है. परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद ही लोग श्रद्धा के बारे में जानने चाहते हैं. तो आइए विस्तार से जानते हैं कौन हैं श्रद्धा पांडे और क्या है उनकी पूरी कहानी.
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कौन हैं टॉपर श्रद्धा पांडे?
श्रद्धा पांडे, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज क्षेत्र स्थित पचरास गांव की रहने वाली है. बताया जा रहा है कि श्रद्धा काफी सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती है और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है. श्रद्धा के मजबूत इरादों के सामने उनके रास्ते के रोड़े और आर्थिक चुनौतियां फीकी पड़ गई और उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब श्रद्धा की मेहनत ने रंग लाया हो. इससे पहले वो उत्तर प्रदेश की सिविल परीक्षा UPPSC क्रैक कर चुकी है और फिलहाल असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत थी. उन्होंने UPPSC संयु्क्त राज्य/उच्च अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 में EWS कैटेगरी से 153वीं रैंक हासिल की थी.
कॉलेज में ही तय कर लिया था टारगेट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रद्धा पांडे ने कॉलेज के दिनों में ही अपना टारगेट फिक्स कर लिया था कि उन्हें सिविल सर्विसेज में ही जाना है. साल 2021 में उन्होंने हिस्ट्री और इंग्लिश सब्जेक्ट्स से अपने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. कॉलेज से निकलते ही उन्होंने अपने टारगेट को ध्यान में रखते हुए तैयारी जारी रखी. इसी मेहनत के बदौलत उन्होंने 2024 में पहले प्रयास में ही UPPSC की परीक्षा क्रैक कर लिया था, जिसके बाद वो असिस्टेंट कमिश्नर (GST) पद पर काम कर रही थी.
अब बिहार में बनेंगी SDM!
BPSC की परीक्षा में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने बाद श्रद्धा पांडे को बिहार में SDM का पद मिल सकता है. जैसे ही श्रद्धा के कामयाबी की खबर उनके घरवालों को लगी तब से ही वे खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं. परिजन और रिश्तेदारों में मानिए खुशी और नई ऊर्जा की एक लहर दौड़ गई है. वहीं 592 अंकों के साथ शशांक गौरव दूसरे स्थान पर तो 592 अंकों के साथ ही आयुष बिजॉय तीसरे स्थान पर हैं.
लड़कियों ने लहराया परचम
BPSC 70वीं CCE परीक्षा कुल 2035 पदों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें की 2027 उम्मीदवारों का चयन हुआ है. यह वैकेंसी BPSC के इतिहास की सबसे बड़ी वैकेंसी मानी जा रही है. खास बात यह है कि परीक्षा में लड़कियों ने अपना परचम लहराया है. आंकड़े देखें तो टॉप 20 में 10 और टॉप 50 में 25 महिलाओं ने अपनी जगह बनाई है.
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