पटना में बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के संदर्भ में की गई उनकी टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले का संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को निलंबित करने का निर्देश दिया है और सामान्य प्रशासन विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है.
ADVERTISEMENT
क्या है पूरा मामला?
मामला BPSC की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा है, जिसमें TRE-4 परीक्षा, 70वीं BPSC और अभ्यर्थियों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर परीक्षा नियंत्रक जवाब दे रहे थे. इसी दौरान आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों और उनके आरोपों के संदर्भ में उन्होंने ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ कहावत का इस्तेमाल किया. परीक्षा नियंत्रक के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसके बाद छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी बढ़ गई. छात्र संगठनों के साथ-साथ राजनीतिक नेताओं ने भी इस टिप्पणी पर सवाल उठाए. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस बयान पर आपत्ति जताई और संबंधित अधिकारी से माफी की मांग की. विवाद बढ़ने के साथ ही यह मामला छात्र आंदोलन और BPSC से जुड़े विवादों के बीच एक बड़ा मुद्दा बन गया.
विवाद बढ़ने पर परीक्षा नियंत्रक ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद जताया और माफी भी मांगी. हालांकि, तब तक उनका वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो चुका था और छात्रों की नाराजगी कम नहीं हुई. इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का फैसला लिया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग को इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है.
TRE-4 को लेकर भी BPSC ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी थी जानकारी
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में BPSC ने TRE-4 परीक्षा को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की थीं. आयोग ने कहा था कि TRE-4 की परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी और ऑब्जेक्टिव परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान जारी रहेगा. BPSC के मुताबिक, आवेदन की संख्या के आधार पर परीक्षा आयोजित करने की अवधि तय की जाएगी. यदि आवेदन की संख्या 5 लाख तक रहती है तो परीक्षा एक दिन में कराई जा सकती है. वहीं, आवेदन इससे अधिक होने पर परीक्षा दो या तीन दिन में आयोजित की जा सकती है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में अक्टूबर में परीक्षा की तारीख घोषित होने और नवंबर-दिसंबर के दौरान परीक्षा कराए जाने की संभावना भी जताई गई थी.
BPSC विवाद में आया नया मोड़
परीक्षा नियंत्रक के विवादित बयान, उसके बाद माफी और अब मुख्यमंत्री के निलंबन के निर्देश ने BPSC से जुड़े पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है. खासकर ऐसे समय में जब TRE-4 समेत कई मुद्दों को लेकर अभ्यर्थी लगातार अपनी मांगें उठा रहे हैं, सरकार की इस कार्रवाई को छात्र आंदोलन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ADVERTISEMENT


