बिहार में बीपीएससी शिक्षिका और उनके पति के बीच का विवाद अब पूरी तरह से गहरा गया है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पति द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि उसने अपनी पत्नी को पढ़ाया-लिखाया, उसे बीपीएससी शिक्षिका (BPSC Teacher) बनाया और अब वह किसी गैर मर्द के साथ रह रही है. इस पूरे मामले पर अब तक लोगों ने सिर्फ पति का पक्ष सुना था, लेकिन अब इस पूरे मामले में महिला शिक्षिका खुद कैमरे के सामने आई हैं और उन्होंने अपने पति के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
ADVERTISEMENT
महिला शिक्षिका ने हमारे सहयोगी चैनल 'बिहार तक' से बातचीत में अपना पक्ष रखा और बताया कि कैसे उन्हें एक सोची-समझी साजिश (Pre-planned) के तहत फंसाया और बदनाम किया जा रहा है.
पति के पास कोई सबूत नहीं
महिला शिक्षिका ने पति के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, "जो लोग मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, उनके पास क्या सबूत है? अगर कोई सबूत है, तो उसे सोशल मीडिया पर डालें ताकि सच्चाई सामने आए. अभी तक सबने सिर्फ एक पक्ष की बात सुनी है." उन्होंने आगे बताया कि उनका तलाक का मामला काफी समय से न्यायालय में चल रहा है. जब पति वहां कोई सबूत पेश नहीं कर पाया, तो वह सोशल मीडिया पर आकर चिल्ला-चिल्लाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. महिला ने साफ कहा कि उन्हें न्याय केवल अदालत से ही मिलेगा.
पति के घर पर चलता है शराब और गांजे का कारोबार
शादी के 13-14 साल बाद अलग होने और तलाक की अर्जी देने की मुख्य वजह बताते हुए शिक्षिका ने पति के परिवार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, "उनके यहां दारू (शराब) और गांजे का अवैध बिजनेस चलता है, जिसके मैं हमेशा खिलाफ थी. मैंने साफ कह दिया था कि अगर आप लोग ऐसा काम करेंगे तो मैं यहां नहीं रहूंगी. उनके भाई इस अवैध काम के चक्कर में कई बार जेल भी जा चुके हैं." शिक्षिका का आरोप है कि इस बात का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी, जिसे उन्होंने सालों तक सहा.
10 साल के बेटे को मोहरा बनाने का आरोप
जब शिक्षिका से पूछा गया कि उनका 10 साल का बेटा भी उनके खिलाफ बयान दे रहा है, तो उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "8 साल तक उस बच्चे को मैंने पाला है. पिछले साल जून में स्कूल एडमिशन के बहाने पति बच्चे को एक दिन के लिए बोलकर ले गया और फिर वापस नहीं लौटाया. वह मासूम बच्चा है, उसे जैसा सिखाया जा रहा है, वह वैसा बोल रहा है. अगर पति में थोड़ी भी समझदारी होती तो वह बच्चे को इस विवाद के बीच सामने नहीं लाता." शिक्षिका ने यह भी बताया कि उन्होंने बच्चे की कस्टडी के लिए भी अदालत में केस दायर किया हुआ है.
सुपौल में नौकरी के दौरान भी करते थे नौटंकी
शिक्षिका ने बताया कि विवाद सिर्फ अभी का नहीं है, बल्कि जब वह सुपौल में नौकरी करती थीं, तब भी उनके पति वहां आकर दफ्तर के स्टाफ के सामने तमाशा और नौटंकी करते थे ताकि उन्हें प्रताड़ित किया जा सके. पति द्वारा लगाए गए किसी और के साथ भाग जाने के आरोप पर शिक्षिका ने कहा, "आजकल स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस (Online Attendance) बनती है. मैं भागकर कहां जाऊंगी? मैंने हर बात का सबूत दिया है, लेकिन वे बिना किसी सबूत के मुझे बदनाम करने पर तुले हैं."
डीएसपी की काउंसलिंग भी रही बेअसर
मामले को लेकर शिक्षिका ने बताया कि हाल ही में डीएसपी (DSP) साहब ने दोनों पक्षों को काउंसलिंग के लिए बुलाया था. डीएसपी ने उनके पति को समझाने की कोशिश की कि सोशल मीडिया पर इस तरह बदनाम करना गलत है, लेकिन पति ने साफ कह दिया कि जब तक तलाक का सर्टिफिकेट हाथ में नहीं आता, वह ऐसा करना जारी रखेगा. शिक्षिका ने मीडिया से भी अपील की है कि वे बिना किसी ठोस सबूत के एकतरफा कहानी दिखाकर किसी महिला की इज्जत को तार-तार न करें.
ADVERTISEMENT


