BPSC TRE-4: शादीशुदा महिला उम्मीदवारों के लिए बड़ा नियम, आरक्षण को लेकर BPSC ने साफ किया नियम

ऋचा शर्मा

• 11:53 AM • 07 Oct 2026

बिहार में शिक्षक भर्ती की डोमिसाइल नीति लागू होने के बाद BPSC ने आरक्षण का दावा करने वाली विवाहित महिला उम्मीदवारों के प्रमाण-पत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट की है. जानिए किस पते से जाति, निवास और नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण-पत्र मान्य होगा.

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बिहार में शिक्षक भर्ती के लिए लागू की गई डोमिसाइल नीति के बीच शादीशुदा महिला उम्मीदवारों के लिए एक अहम नियम सामने आया है. BPSC TRE-4 में आरक्षण का लाभ लेने वाली विवाहित महिलाओं को अपने पति के पते के आधार पर नहीं, बल्कि पिता के स्थायी पते के आधार पर जारी प्रमाण-पत्र देना होगा.

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इस नियम को लेकर उन महिला उम्मीदवारों के लिए स्थिति महत्वपूर्ण है, जिनकी शादी बिहार में हुई है, लेकिन उनका मायका या स्थायी निवास बिहार से बाहर है. ऐसे मामलों में सिर्फ बिहार में शादी होने के आधार पर महिला को राज्य की आरक्षण सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा.

पिता के पते से जरूरी होंगे ये प्रमाण-पत्र

TRE-4 में आरक्षण का दावा करने वाली विवाहित महिला उम्मीदवारों को अपने दावे के समर्थन में जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र और नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा. इन प्रमाण-पत्रों के लिए पिता का स्थायी पता आधार माना गया है.

यानी शादी के बाद महिला का वर्तमान पता अगर बिहार में पति के घर का है, तब भी आरक्षण से जुड़े दस्तावेज पिता के स्थायी पते के आधार पर होने चाहिए. उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के समय इस शर्त का ध्यान रखना होगा.

बिहार में शादी करने से अपने आप नहीं मिलेगा आरक्षण

इस नियम का सीधा असर उन महिलाओं पर पड़ सकता है, जिनका मूल निवास बिहार के बाहर है और जिन्होंने बिहार के किसी व्यक्ति से शादी की है. ऐसी महिला का वैवाहिक निवास बिहार में होने के बावजूद केवल शादी के आधार पर बिहार की आरक्षण व्यवस्था में पात्रता नहीं बनती. आरक्षण का लाभ लेने के लिए संबंधित डोमिसाइल और प्रमाण-पत्र की निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा.

TRE-4 में डोमिसाइल नीति का क्या है प्रावधान?

बिहार सरकार ने शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल नीति लागू करने का फैसला किया था. TRE-4 में इस नीति के तहत बिहार के स्थायी निवासियों को भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जा रही है.

नीति के अनुसार बिहार के बाहर के अभ्यर्थियों के लिए अलग से कोई सीधा कोटा नहीं है. उन्हें निर्धारित ओपन सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करनी होगी. वहीं बिहार से जुड़े पात्र अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण और डोमिसाइल से संबंधित नियम लागू होंगे. इसके साथ ही बिहार के संस्थानों से मैट्रिक या इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को लेकर भी भर्ती व्यवस्था में प्रावधान किया गया है.

32,388 शिक्षक पदों पर होनी है भर्ती

BPSC TRE-4 के तहत कुल 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती प्रस्तावित है. इसमें कक्षा 1 से 5 के लिए 3,847 पद, कक्षा 6 से 8 के लिए 8,563 पद, कक्षा 9 से 10 के लिए 3,878 पद और कक्षा 11 से 12 के लिए 16,101 पद शामिल हैं.

डोमिसाइल नीति लागू होने के बाद बिहार के अभ्यर्थियों के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले उम्मीदवारों के मुकाबले प्रतिस्पर्धा का दायरा सीमित होने की उम्मीद है. हालांकि, आरक्षण का दावा करने वाले उम्मीदवारों को अपने दस्तावेजों की पात्रता और निर्धारित प्रारूप की जांच पहले ही कर लेनी चाहिए.

महिला उम्मीदवारों के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी?

शिक्षक भर्ती में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी आवेदन करती हैं. ऐसे में शादी के बाद पता बदलने वाली उम्मीदवारों के लिए यह नियम खास तौर पर महत्वपूर्ण है. उम्मीदवारों को यह समझना होगा कि वैवाहिक पता और आरक्षण के लिए निर्धारित स्थायी निवास की शर्त एक जैसी नहीं है. इसलिए TRE-4 में आरक्षण का दावा करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जाति, निवास और नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण-पत्र नियमों के अनुरूप हैं.

यानी आसान भाषा में समझें तो बिहार में शादी होना और बिहार के आरक्षण का हकदार होना दो अलग-अलग बातें हैं. आरक्षण के लिए पिता के स्थायी पते से जुड़े निर्धारित प्रमाण-पत्र जरूरी होंगे.