बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और बेहद जरूरी खबर सामने आई है. राज्य के नवनियुक्त शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 'बिहार तक' के विशेष पॉडकास्ट में BPSC TRE-4 के नोटिफिकेशन और वैकेंसी को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर से पर्दा हटा दिया है. छात्र आंदोलनों और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच शिक्षा मंत्री ने साफ किया है कि विभाग इस बड़ी भर्ती की इंटरनल तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है. विस्तार से जानिए उन्होंने क्या-कुछ कहा है.
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जुलाई महीने में निश्चित रूप से जारी होगा शेड्यूल
पॉडकास्ट के दौरान अभ्यर्थियों के सबसे बड़े सवाल यानी 'नोटिफिकेशन कब आएगा' का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस नतीजे पर पहुंचा है कि आगामी जुलाई महीने में निश्चित रूप से TRE-4 का पूरा शेड्यूल और विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा. उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी भी तरह के बहकावे में न आएं और अपनी परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं क्योंकि सरकार बहुत जल्द आधिकारिक तौर पर तारीखों का ऐलान करने जा रही है.
वैकेंसी बढ़ेगी या नहीं? सीटों का गणित समझें
वैकेंसी के आंकड़ों और सीटों को लेकर अभ्यर्थियों के बीच बने सस्पेंस पर भी शिक्षा मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की. मिथिलेश तिवारी ने बताया कि कुछ लोग इस बहाली को महज 43,000 या 45,000 पदों तक सीमित बता रहे थे और इसे लेकर भ्रम फैलाया जा रहा था. उन्होंने खुलासा किया कि सरकार ने अब एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके तहत अगले 5 साल में राज्य के अंदर कुल 1 लाख शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. इस चार्ट के अनुसार सरकार हर साल कम से कम 20,000 से अधिक पदों पर नियमित रूप से बहाली निकालेगी, जिससे कुल वैकेंसी का दायरा काफी बढ़ जाएगा. उन्होंने कहा कि सीटों की बिल्कुल सटीक और अंतिम संख्या जुलाई में विज्ञापन के साथ ही सार्वजनिक की जाएगी.
अभ्यर्थियों से अपील- 'आप मेरे जिगर के टुकड़े हो, नेतागिरी से दूर रहो'
पटना में हुए छात्र आंदोलनों और लाठीचार्ज के बाद पैदा हुए तनाव पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री काफी भावुक नजर आए. उन्होंने सीधे तौर पर अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के तमाम छात्र उनके जिगर के टुकड़े हैं और उनकी हर चिंता के लिए सरकार बैठी हुई है. इसके साथ ही उन्होंने छात्रों को आगाह भी किया कि कुछ बाहरी लोग और राजनीतिक दल अभ्यर्थियों को हथियार बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं है. मंत्री ने साफ कहा कि छात्र ऐसी नेतागिरी से दूर रहकर सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें ताकि वे राज्य के सरकारी स्कूलों का भविष्य संवार सकें.
भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस
बिहार में परीक्षाओं के दौरान होने वाले पेपर लीक और छात्र आंदोलनों को लेकर पूछे गए सवालों पर शिक्षा मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया. हाल ही में हुए छात्र आंदोलन और लाठीचार्ज जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने साफ किया कि वे सांच को आंच नहीं आने देंगे. उन्होंने ऑन-कैमरा घोषणा की कि यदि उनके ऊपर भ्रष्टाचार का एक रुपये का भी आरोप न्यायालय से सिद्ध हो जाता है, तो वे स्वतः ही मंत्री की कुर्सी छोड़ देंगे और जीवन में कभी राजनीति नहीं करेंगे. उन्होंने पूर्व में हुए राजनीतिक षड्यंत्रों और अपने राज्यसभा टिकट कटने की अफवाहों पर भी विराम लगाया.
5 साल में काम की 'फुल गारंटी' और इस्तीफा की चुनौती
राजनीति में अपने 36 वर्षों के लंबे अनुभव को साझा करते हुए मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार के युवाओं में अपार क्षमता है. उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया. इंटरव्यू के अंत में जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अपने दावों के पूरा न होने पर इस्तीफे की गारंटी लेते हैं, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे इसकी 'फुल गारंटी' लेते हैं. उन्होंने कहा कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के चेले हैं और नरेंद्र मोदी उनके नेता हैं, जो जो कहते हैं वो करते हैं. अगर वे वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को आगे नहीं बढ़ा पाए, तो उनके मंत्री पद पर रहने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा.
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