BPSC TRE-4: शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान, छात्रों से की ये खास अपील

आशीष अभिनव

• 02:51 PM • 27 Aug 2026

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षक बहाली और छात्र आंदोलनों पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों से संवाद के लिए तैयार है और जल्द बेहतर निर्णय लेगी.

Mithilesh Tiwari
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बिहार में शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का एक बड़ा बयान सामने आया है. शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार बिहार के युवाओं और छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और उनके हित में लगातार सकारात्मक कदम उठा रही है.

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हमने 33 हजार पद दिए- मिथिलेश तिवारी

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पूर्व में निकाली गई भर्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता से बढ़कर काम किया है. उन्होंने कहा, "हम लोगों ने 19 हजार शिक्षक पदों पर वैकेंसी देने की बात कही थी, लेकिन छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए हमने 33 हजार पद दिए."

'पारदर्शिता से होगी बहाली, खिड़की बंद रखने की आदत नहीं'

नई नियुक्तियों और नोटिफिकेशन में हो रही देरी पर स्थिति स्पष्ट करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकारी प्रक्रियाओं में समय लगता है. उन्होंने कहा कि जब तक आधिकारिक तिथि तय नहीं हो जाती, तब तक विभाग स्तर पर जहां से भी रिक्तियां मिलेंगी, उन्हें जोड़ा जाएगा. मिथिलेश तिवारी ने कहा, वैकेंसी ऐसे ही जारी नहीं होती, उसके पीछे एक पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया होती है. ऐसा बिल्कुल नहीं है कि हम खिड़की बंद करके बैठ जाएंगे. हम बात छुपाने में विश्वास नहीं रखते. बिहार के युवाओं और छात्र-छात्राओं के लिए जो भी बेहतर कदम उठाने होंगे, सरकार वे जरूर उठाएगी.

बिना बात धरना न दें अभ्यर्थी- मिथिलेश तिवारी

छात्रों के जारी विरोध प्रदर्शनों और धरने पर शिक्षा मंत्री ने अपील करते हुए कहा कि सरकार बातचीत के रास्ते हमेशा खुले रखती है. उन्होंने बताया कि विभाग नियमित रूप से अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर चर्चा करता है. शिक्षा मंत्री ने अपील की है कि जो छात्र धरने पर बैठे हैं वो धरना छोड़कर तैयारी में जुट जाएं. 

आगे क्या करेंगे आंदोलनकारी अभ्यर्थी? 

अब शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद BPSC TRE-4 को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी. बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत से आंदोलन का समाधान निकल पाएगा.