बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के कद्दावर नेता केसी त्यागी ने पार्टी से अपनी राजनीति को किनारा कर लिया है. केसी त्यागी ने आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा है कि उन्होंने जदयू मेंबरशिप रिन्यूअल(नवीनीकरण) नहीं कराया है. इसके साथ ही उन्होंने एक बयान भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने यह भी साफ कहा है कि नीतीश कुमार के प्रति मेरा व्यक्तिगत सम्मान भी आगे भी रहेगा. साथ ही उन्होंने आगे की रणनीति की भी बात कही है. विस्तार से जानिए पूरी बात.
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पत्र में दी ये जानकारी
केसी त्यागी ने पार्टी को खुद से अलग करने की जानकारी खुद एक पत्र जारी कर दी है. उन्होंने इस पत्र में लिखा है कि, 30 अक्टूबर 2003 को समता पार्टी और जनता दल के विलय से जेडीयू अस्तित्व में आया था, तब जॉर्ज फर्नांडीस पार्ट के अध्यक्ष थे और मैं महासचिव था. मैंने शरद यादव जी और नीतीश कुमार जी के अध्यक्ष रहते उनके साथ काम किया. उन्होंने आगे लिखा कि, पार्टी का मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार भी रहा. अब पार्टी का सदस्यता अभियान समाप्त हो चुका है और इस बार मैंने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं किया है.
भविष्य का प्लान भी बताया
इसी पत्र में उन्होंने भविष्य का प्लान यानी आगे की रणनीति का भी जिक्र किया है. उन्होंने लिखा है कि, 22 मार्च, 2026 को नई दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में वे सामान विचारधारा वाले लोगों और समर्थकों के साथ एक बैठक करेंगे. इसमें देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चाएं होगी और फिर इसके बाद ही आगे की दिशा तय की जाएगी. वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केसी त्यागी उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हो सकते है.
पार्टी से थी नाराजगी?
केसी त्यागी के इस्तीफे के बाद उनकी पार्टी से नाराजगी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में केसी त्यागी के बयानों की वजह से जदयू का शीर्ष नेतृत्व उनसे नाराज चल रहा था. मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में पार्टी उनके बयानबाजी की वजह से उन पर कार्रवाई करने की सोच रही थी, लेकिन उन्होंने उससे पहले ही पार्टी का दामन छोड़ दिया.
1970 के दशक से राजनीति में एक्टिव
आपको बता दें कि केसी त्यागी का जदयू में अपना एक अलग ही वर्चस्व हुआ करता था. उत्तर प्रदेश के गाजियबाद में जन्मे केसी त्यागी का पूरा नाम किशन चंद त्यागी है. उन्होंने साल 1970 के दशक में राजनीति में एंट्री की थी और तब से ही लगातार एक्टिव हो गए. सबसे पहले वह यूपी के हापुड़ लोकसभा क्षेत्र से 1989 में लोकसभा सांसद बने थे.
वे सपा के राष्ट्रीय महासचिव के अलावा जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे. साल 2013 में वह राज्यसभा भी गए है. केसी त्यागी जदयू के 3 बार के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए और साल 2024 में उन्होंने किसी कारण से जदयू के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया था. अब उनके जदयू पार्टी छोड़ने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी है.
यहां देखें लेटर
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