Bihar Politics: डिमांड करते रह गए चिराग पासवान.. नीतीश ने ऐसे कर दिया खेल, बिहार एनडीए में बवाल तय!

ऋचा शर्मा

18 Sep 2024 (अपडेटेड: Sep 18 2024 3:58 PM)

Bihar Politics: बिहार में विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच अब बिहार एनडीए में खेल शुरू हो गया है. इस बार नीतीश कुमार के दांव में न सिर्फ बीजेपी उलझ गई बल्कि एनडीए के घटक दल चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास), पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोकजनशक्ति पार्टी, जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा के आरएलएम को नीतीश ने सीधे साइडलाइन कर दिया.

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Bihar Politics: बिहार में विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच अब बिहार एनडीए में खेल शुरू हो गया है. इस बार नीतीश कुमार के दांव में न सिर्फ बीजेपी उलझ गई बल्कि एनडीए के घटक दल चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास), पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोकजनशक्ति पार्टी, जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा के आरएलएम को नीतीश ने सीधे साइडलाइन कर दिया. सीएम नीतीश बोर्ड निगम में खाली पड़े पदों को भरने की कोशिश में लगे हुए हैं. अभी हाल में ही 20 सूत्री समिति और बाल संरक्षण आयोग के खाली पद भरे गए. गौर करने वाली बात यह है कि इन दोनों ही संस्थानों में बीजेपी और जेडीयू ने अपने लोगों की नियुक्ति की. एनडीए के अन्य घटक दलों को इसमें जगह तक नहीं मिली. माना जा रहा है कि ऐसी और भी संस्थाओं में सदस्य और अध्यक्ष की नियुक्ति होनी है.उन सभी संस्थाओं में कमोबेश ऐसी स्थिति देखने को मिलेगी. 

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बीजेपी पर 'बड़े भाई वाला' प्रेशर 

बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने 2025 के विधानसभा चुनाव में फिर से प्रमुख भूमिका निभाने का फैसला किया है. नीतीश कुमार के खास और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने पुरजोर तरीके से कहा कि पार्टी पूरी तैयारी में है और इस बार सीटें फिर से बढ़ जाएंगी. जिससे जदयू बड़े भाई की भूमिका में आ सकेगी. मतलब जेडीयू के बड़े नेता ने यह स्पष्ट बता दिया कि  2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी फिर से प्रमुख भूमिका में रहेगी. 

135 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है जेडीयू

सोमवार को जदयू की बड़ी बैठक हुई. बैठक में जदयू के बड़े नेता ने बड़ा दावा भी किया. बताया जा रहा है कि इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार की इच्छा 135 सीटों पर चुनाव लड़ने की है. 108 सीटें बीजेपी को दी जाएगी. इन सीटों में से भी एनडीए के अन्य सहयोगी दलों को मनाने और उसे सीट देने की जिम्मेवारी बीजेपी की होगी. कुल मिलाकर देखा जाए तो लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को समर्थन देने की कीमत अब जेडीयू विधानसभा में वसूल करेगी. 

एनडीए में खटपट तय

जेडीयू ने विधानसभा चुनाव को लेकर अपना रुख कड़ा कर लिया तो वहीं चिराग पासवान ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश कर दी. चिराग पासवान का कहना है कि उन्हें बिहार के सभी जिलों से एक विधानसभा सीट चाहिए. यहां तक कि चिराग पासवान ने शेखपुरा और मटिहानी के लिए उम्मीदवार के नाम तक फाइनल कर दिए हैं. इधर उपेंद्र कुशवाहा ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है. अब मान जा रहा है कि एनडीए में बवाल मचना तय है.