बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) को लेकर विपक्ष, खासकर कांग्रेस और आरजेडी पर तीखा हमला बोला. सम्राट चौधरी ने कहा कि विपक्षी दलों ने संसद में बिल का विरोध कर देश की आधी आबादी के साथ 'धोखा' किया है.
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"बिल पारित होता तो बिहार में होतीं 122 महिला विधायक"
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 16 तारीख का दिन ऐतिहासिक होने वाला था, लेकिन विपक्ष की वजह से यह संभव नहीं हो सका. उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि बिहार विधानसभा में फिलहाल हमारी केवल 29 बहनें विधायक हैं, लेकिन यदि महिला आरक्षण बिल पारित हो जाता तो यह संख्या कम से कम 122 होती. उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक 'काला अध्याय' करार दिया.
एनडीए ने हमेशा बढ़ाया महिलाओं का मान
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार ने 2006 में ही पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण देने का काम किया था. आज परिणाम यह है कि बिहार में 59% से अधिक महिलाएं चुनाव जीतकर नेतृत्व कर रही हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी की सरकार 543 सांसदों की संख्या बढ़ाकर 800 से ऊपर करने और उसमें 272 महिला सांसदों को देश की संसद में भेजने की गारंटी दे रही थी, लेकिन विपक्ष ने इसे रोक दिया.
लालू और कांग्रेस पर तीखा प्रहार
मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस नेतृत्व पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी किसी वर्ग को आरक्षण नहीं दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि मंडल कमीशन से लेकर दलितों और पिछड़ों के आरक्षण तक, कांग्रेस हमेशा बाधा बनी रही. उन्होंने सवाल उठाया, "कांग्रेस बताए कि उनके परिवार के लोग तो प्रधानमंत्री और सांसद बनते हैं, लेकिन देश की गरीब महिला कब सांसद बनेगी? यही सवाल हम आरजेडी, टीएमसी और डीएमके से भी पूछेंगे."
एनडीए का राष्ट्रव्यापी अभियान
सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि महिलाओं के साथ हुए इस धोखे के खिलाफ पूरा एनडीए एकजुट होकर अभियान चलाएगा और जनता के बीच जाकर विपक्ष की असलियत उजागर करेगा. उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने का काम हर हाल में पूरा किया जाएगा.
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