बिहार में शराबबंदी से हो रहे राजस्व के नुकसान और इसे हटाने की लगातार उठ रही चर्चाओं के बीच, सीएम सम्राट ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि बिहार में किसी भी सूरत में शराबबंदी खत्म नहीं होगी. नीतीश कुमार के इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार 30-40 हजार करोड़ के राजस्व की खातिर राज्य की महिलाओं के सम्मान और उनकी अस्मिता के साथ समझौता नहीं कर सकती. आजतक पंचायत में बातचीत के दौरान सीएम सम्राट ने शराबबंदी के अलावा राज्य में 1 करोड़ रोजगार के वादे, मुफ्त बिजली और सरकारी खजाने को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब दिए और अपना विजन साझा किया.
ADVERTISEMENT
'राजस्व के चक्कर में महिलाओं की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं'
इंटरव्यू के दौरान जब पूछा गया कि सरकार के पास वित्तीय संकट है और शराबबंदी खत्म करने से सालाना 30-40 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है, तो सीएम सम्राट ने बेबाकी से जवाब दिया. उन्होंने कहा, 'शराबबंदी हर हाल में लागू रहेगी, इसमें कोई कंफ्यूजन नहीं है. 2025 में हमने करीब डेढ़ लाख जगहों पर महिला समूहों से बात कर फीडबैक लिया था. महिलाओं ने ऑन रिकॉर्ड कहा है कि यह बिहार के लिए ऐतिहासिक फैसला है और इसे कड़ाई से लागू होना चाहिए. हम सिर्फ रेवेन्यू के चक्कर में बिहार की महिलाओं की अस्मिता के साथ नहीं खेल सकते.'
2030 तक 1 करोड़ महिलाओं को 'लखपति' बनाने का लक्ष्य
योजनाओं के लिए पैसे कहां से आएंगे, इस सवाल पर सीएम ने महिला सशक्तिकरण और रोजगार का खाका पेश किया. उन्होंने ऐलान किया कि 2030 तक बिहार में 1 करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़कर 'लखपति' बनाया जाएगा. सीएम ने बताया कि वर्तमान में 43 लाख महिलाएं लखपति बन चुकी हैं. रोजगार सृजन के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव किया है. अब स्कूली बच्चों के परिधान (ड्रेस) के पैसे सीधे छात्रों के खाते में नहीं जाएंगे, बल्कि बिहार में एक टेक्सटाइल हब बनाया जाएगा. जीविका दीदियां इन ड्रेसेस की सिलाई करेंगी और सीधे छात्रों को उपलब्ध कराएंगी. इसके अलावा पशुपालन क्षेत्र में 'पशु सखी' के तौर पर भी दीदियों को जोड़ा जा रहा है.
मुफ्त बिजली और वादों के लिए कहां से आएगा पैसा?
पत्रकारों ने जब 125 यूनिट मुफ्त बिजली, 2 लाख रुपये तक की सहायता और 1 करोड़ नौकरियों के वादे पर सवाल दागा, तो सीएम सम्राट ने खर्च कम करने और सोलर एनर्जी का मास्टरप्लान साझा किया.
- सोलर एनर्जी से बचेंगे 5000 करोड़ रुपये: सीएम ने बताया कि वर्तमान में सरकार थर्मल पावर के लिए 3,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी देती है. अब सरकार का फोकस सोलर एनर्जी पर है.
- कृषि फीडर का सौरीकरण: सिर्फ कृषि फीडर को सोलर युक्त करने से सरकार को अगले एक साल में 5,000 करोड़ रुपये की बचत होगी.
- 25 लाख घरों में सोलर पैनल: 31 दिसंबर 2027 तक बिहार के 25 लाख घरों को सोलर पावर से जोड़ा जाएगा. 'पीएम सूर्यघर योजना' के तहत पहले चरण में 5 लाख घरों को शामिल किया जा रहा है.
- क्या है बिजली का मॉडल?: इन सोलर युक्त घरों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी. जैसे ही 126वां यूनिट बनेगा और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाएगी, वैसे ही उपभोक्ताओं के खाते में पैसा आना शुरू हो जाएगा.
सीएम सम्राट ने स्पष्ट किया कि राज्य में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के साथ-साथ खर्चों को भी कंट्रोल किया जा रहा है. सोलर ऊर्जा और अन्य स्मार्ट योजनाओं के जरिए सरकार खजाने से लगभग 10,000 करोड़ रुपये का वित्तीय भार धीरे-धीरे घटाएगी, जिससे राज्य के युवाओं और महिलाओं से किए गए सभी वादे पूरे किए जा सकेंगे.
प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने बिहार MLC चुनाव के लिए 5 उम्मीदवारों का किया ऐलान!
ADVERTISEMENT


