दिल्ली में CJP प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. इस बीच आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट लिखकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ध्रुव राठी, अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका समेत अन्य युवा आंदोलनकारियों की कथित गिरफ्तारी और दिल्ली में प्रवेश पर पाबंदी को लेकर सवाल उठाए हैं. रोहिणी ने इन कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की है.
ADVERTISEMENT
'सच का सामना करने से डरती है सरकार'
रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आलोचना और विरोध की आवाजों से डरती है. उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई को सरकार की बढ़ती तानाशाही का प्रमाण बताया. उन्होंने यह भी दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे कुछ लोगों को सीमाओं और एयरपोर्ट पर रोका गया. रोहिणी ने संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए.
हालांकि, प्रदर्शनकारियों को रोकने और उनकी गिरफ्तारी से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती है. इस मामले में संबंधित प्रशासन और एजेंसियों का पक्ष भी महत्वपूर्ण है.
ध्रुव राठी और सौरभ दास का जिक्र कर क्या बोलीं रोहिणी?
रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में ध्रुव राठी और सौरभ दास का जिक्र करते हुए लिखा कि आवाजों को दबाने की कोशिश से ऐसी आवाजें और सामने आएंगी. उन्होंने युवाओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर भी टिप्पणी की. एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि तानाशाही के खिलाफ युवा सड़कों पर उतर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि कितने युवाओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को सलाखों के पीछे डालकर आंदोलन को रोका जा सकेगा. इन पोस्ट के जरिए रोहिणी ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपनी बात रखी और कथित गिरफ्तारियों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की.
प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग
रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में कथित गिरफ्तारियों की निंदा करते हुए सभी आंदोलनकारियों को तत्काल रिहा करने की मांग की. उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन के लिए आने वाले लोगों को रोकने और नाकेबंदी-बैरिकेडिंग किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए. उनकी टिप्पणियों के बाद CJP प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बहस का एक और पहलू सामने आया है. रोहिणी ने अपने बयानों में विरोध करने के अधिकार और सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठाया है.
पटना लौट चुकी हैं रोहिणी आचार्य
आपके दिए गए विवरण के मुताबिक, रोहिणी आचार्य पटना लौट चुकी हैं. हालांकि, दिल्ली में चल रहे CJP प्रदर्शन को लेकर वह सोशल मीडिया पर लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं. उनके पोस्ट में प्रदर्शनकारियों के समर्थन और केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाने का रुख दिखाई देता है. फिलहाल इस पूरे मामले में कथित गिरफ्तारियों, दिल्ली में प्रवेश पर रोक और प्रदर्शन की परिस्थितियों को लेकर संबंधित प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना भी जरूरी है, ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके.
ADVERTISEMENT


