विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख प्रवक्ता देव ज्योति ने प्रदेश में अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों और दलितों के घरों को उजाड़े जाने को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इसे सरकार की दबंगई करार देते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद से एनडीए सरकार केवल बुलडोजर की ही भाषा समझती और बोलती है.
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गरीबों के आशियाने छीनने के बजाए घर मुहैया करे सरकार
देव ज्योति ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हर किसी को अपना आशियाना प्यारा होता है, इसलिए सरकार को इन गरीबों की स्थिति पर विचार करना चाहिए. उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी व्यक्ति मजबूरी में ही वर्षों से ऐसी जगहों पर अपना घर बनाकर रहता है. सरकार को चाहिए कि वह इन गरीबों के आशियाने छीनने के बजाए उन्हें उचित आवासीय सुविधा और घर मुहैया कराए.
अतिक्रमण रोकने में सरकार की विफलता पर उठाए सवाल
वीआईपी नेता ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जिस अतिक्रमण की बात आज की जा रही है, जब वह हो रहा था तब सरकार कहां थी? उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्या उस समय सरकार मौजूद नहीं थी और अगर थी, तो अतिक्रमण को उसी समय क्यों नहीं रोका गया? उन्होंने मांग की है कि सरकार अतिक्रमण हटाने के नाम पर अपनी दबंगई दिखाना बंद करें.
अतिक्रमण: कहीं दरियादिली का नाम, तो कहीं दर्द का आगाज
अतिक्रमण की दोहरी व्यवस्था पर प्रहार करते हुए देव ज्योति ने कहा कि अतिक्रमण कहीं दरियादिली का नाम है, तो कहीं दर्द का आगाज है. यह कहीं रौबदार लोगों की आवाज बन जाता है, तो कहीं कमजोरों की चीख बनकर रह जाता है. उनके अनुसार, यह कहीं जबरदस्ती का अंदाज है तो कहीं बेबसी का आलम, जो पूरी तरह से मजबूरी की कहानी बयां करता है.
बेघर करने से नहीं बनेगा स्वच्छ प्रदेश
उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि यह सत्य है कि अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में जायज नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन सरकार से यह सवाल पूछा कि क्या गरीबों के आशियाने उजाड़कर या उन्हें बेघर करके ही बिहार को एक स्वच्छ प्रदेश बनाया जा सकता है? विकास के नाम पर गरीबों को उजाड़ना समाधान नहीं है.
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