इंजन से लेकर टायर तक में छुपा रखी थी शराब! गोपालगंज में स्कॉर्पियो से तस्करी का अनोखा तरीका देख पुलिस हैरान

न्यूज तक

• 12:24 PM • 18 Sep 2026

बिहार के गोपालगंज में उत्पाद विभाग की टीम ने शराब तस्करी के नायाब मॉडल का भंडाफोड़ किया है. यूपी से आ रही स्कॉर्पियो के इंजन, चेचिस और स्टेपनी (टायर) में बनाए गए गुप्त तहखानों से भारी मात्रा में शराब जब्त की गई है.

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बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन शराब तस्कर आए दिन पुलिस और उत्पाद विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए नए-नए और अजीबो-गरीब हथकंडे अपना रहे हैं. ताजा मामला गोपालगंज जिले से सामने आया है, जहां यूपी से बिहार आ रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी को देखकर उत्पाद विभाग की टीम भी दंग रह गई. बाहर से बिल्कुल सामान्य और खाली दिख रही इस लग्जरी कार को तस्करों ने पूरी तरह से 'चलती-फिरती शराब की दुकान' में तब्दील कर रखा था.

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इंजन से लेकर स्टेपनी तक में बनाए थे गुप्त तहखाने

मामला गोपालगंज जिले के फुलवरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बथुआ गांव के पास का है. उत्पाद विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश की ओर से एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो में शराब की बड़ी खेप बिहार लाई जा रही है. सूचना के आधार पर जब टीम ने बथुआ मोड़ के पास नाकेबंदी कर वाहन जांच शुरू की, तो संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोका गया. शुरुआत में गाड़ी अंदर से पूरी तरह खाली नजर आ रही थी. लेकिन जब अधिकारियों ने बारिकी से जांच की, तो तस्करों की शातिराना इंजीनियरिंग देखकर उनके होश उड़ गए.

तस्करों ने शराब छिपाने के लिए गाड़ी के लगभग हर हिस्से को मॉडिफाई कर रखा था:

  • इंजन कम्पार्टमेंट: बोनट के अंदर खाली जगहों में मेटल के छोटे बॉक्स बनाकर शराब छिपाने की व्यवस्था थी.
  • बॉडी और चेचिस: गाड़ी के गेट्स, बॉडी पैनल और चेचिस के अंदर गुप्त तहखाने बनाए गए थे.
  • स्टेपनी (स्पेयर टायर): गाड़ी के पीछे लगे अतिरिक्त टायर के अंदर की रबर निकालकर उसमें शराब के कार्टन ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे.

दो शातिर तस्कर गिरफ्तार

उत्पाद विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद गाड़ी के अलग-अलग हिस्सों को खोलकर शराब की सैकड़ों बोतलें और पैकेट बरामद किए. इसके बाद गाड़ी को जब्त करते हुए मौके से दो अंतरजिला तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में आरोपियों की पहचान समस्तीपुर और वैशाली जिले के निवासियों के रूप में हुई है.

नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

मामले की जानकारी देते हुए उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार झा ने बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है. पकड़े गए दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस तस्करी नेटवर्क के 'बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज' का पता लगाया जा सके—यानी शराब यूपी में कहां से खरीदी गई थी और बिहार के किन जिलों में इसकी डिलीवरी होनी थी.

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