549 करोड़ के पुल की दरार दिखाते-दिखाते युवक का खुद का हो गया 'मोये-मोये', दरार नापते-नापते गिरा स्मार्टफोन, वीडियो वायरल

गोपालगंज में 549 करोड़ के पुल में आई दरार का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के चक्कर में एक युवक का मोबाइल फोन उसी गैप में गिर गया. हालांकि फोन बाद में नीचे से बरामद कर लिया गया, लेकिन इस घटना के वायरल वीडियो ने पुल के निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

बिहार के गोपालगंज का वीडियो हो रहा वायरल
बिहार के गोपालगंज का वीडियो हो रहा वायरल

न्यूज तक डेस्क

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आजकल सोशल मीडिया पर वायरल होने और रील बनाने का चस्का लोगों से क्या-क्या नहीं करवा देता. कुछ ऐसा ही मजेदार और हैरान कर देने वाला नजारा बिहार के गोपालगंज में देखने को मिला. यहां एक युवक पुल में आई दरार का वीडियो बनाकर सिस्टम की पोल खोलने निकला था, लेकिन किस्मत ने ऐसा पलटी मारा कि खुद उसका ही 'पोपट' हो गया. पुल की दरार दिखाते-दिखाते भाई साहब का कीमती मोबाइल फोन सीधे उसी दरार के रास्ते नीचे जा गिरा. अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर तहलका मचा रहा है.

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ईंट से नाप रहे थे दरार

मामला गोपालगंज और बेतिया को जोड़ने वाले जादोपुर-मंगलपुर पुल का है. दरअसल इस बड़े पुल के स्पैन (दो पिलरों के बीच का हिस्सा) में एक बड़ी सी दरार यानी गैप आ गया है. इसी बात को कैमरे में कैद करने के लिए एक स्थानीय युवक वहां पहुंचा. वह मोबाइल का कैमरा ऑन करके एक ईंट के जरिए लोगों को दिखा रहा था कि पुल के बीच में कितना बड़ा गैप आ गया है.

लेकिन जैसे ही उसने ईंट को दरार के पास सेट करना चाहा, उसका संतुलन बिगड़ा और पॉकेट में रखा चमचमाता मोबाइल सीधे फिसलकर पुल की उस गहरी दरार के अंदर समा गया. हालांकि, राहत की बात ये रही कि काफी मशक्कत के बाद मोबाइल को पुल के नीचे से सुरक्षित ढूंढ निकाला गया, लेकिन इस पूरी घटना का वीडियो अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया है. लोग वीडियो देखकर अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं.

549 करोड़ के बजट पर खड़े हुए बड़े सवाल

भले ही यह वीडियो देखने में काफी मजाकिया लग रहा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी हकीकत बेहद डरावनी है. जिस जादोपुर-मंगलपुर पुल में यह दरार आई है, उसे कोई छोटा-मोटा पुल मत समझिए. इसे पूरे 549 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार किया गया था. साल 2016 के मार्च महीने में खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बकायदा फीता काटकर इसका उद्घाटन किया था.

हैरानी की बात ये है कि अभी इस महासेतु को बने ठीक से 10 साल भी नहीं हुए हैं और इसके स्पैन में इतनी बड़ी तकनीकी खराबी आ गई. युवक का मोबाइल गिरना तो एक बहाना बन गया, लेकिन इस घटना ने पुल के निर्माण की क्वालिटी, इसमें इस्तेमाल हुए मैटेरियल और इसके रखरखाव पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं. अब देखना यह है कि प्रशासन इस वायरल वीडियो से सबक लेकर पुल की मरम्मत कराता है या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है.

 

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