'हरियाणा में भैंस महंगी, बिहारन...' ये सब सुन-सुनकर परेशान हो चुके बेगूसराय के युवक ने मौत से पहले 8 पन्नों में बताई जिल्लत की दास्तां!

Gurugram suicide case: हरियाणा के गुरुग्राम में बिहार के बेगूसराय निवासी राम पुकार यादव की संदिग्ध मौत ने सभी को झकझोर दिया है. मौत से पहले लिखे 8 पन्नों के सुसाइड नोट में युवक ने नौकरी के दौरान मानसिक शोषण, जातीय अपमान, धमकी और प्रताड़ना की पूरी कहानी बयां की है. जानिए क्या है पूरा मामला और किन सवालों के घेरे में आई कंपनी व पुलिस.

Bihar youth suicide
Bihar youth suicide

हर्षिता सिंह

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हरियाणा के गुरुग्राम से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बिहार के बेगूसराय के रहने वाले एक 30 वर्षीय युवक राम पुकार यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. 17 मई को गुरुग्राम के एक बंद कमरे में उनका शव मिला. मौत से पहले राम पुकार ने 8 पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान झेले गए मानसिक और शारीरिक शोषण की पूरी कहानी बयां की है. इस नोट में उन्होंने अपने सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जो न केवल उनकी गरिमा बल्कि उनके परिवार के सम्मान पर भी चोट कर रहे थे.

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3 साल पहले शुरू हुई थी सुनहरे भविष्य की तलाश

राम पुकार यादव बिहार के बेगूसराय जिले के गढ़पुरा थाना क्षेत्र के रहने वाले थे. 31 जनवरी 2022 को वे सुनहरे भविष्य की तलाश में हरियाणा के गुरुग्राम आए थे, जहां उन्हें एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी मिल गई. शुरुआत में सब कुछ ठीक था और परिवार भी खुश था कि घर की आर्थिक स्थिति अब सुधर जाएगी.

राम पुकार वहां कंपनी के सुपरवाइजर देवेंद्र कुमार के साथ एक ही कमरे में रहते थे. राम पुकार के सुसाइड नोट के मुताबिक, एक रात सुपरवाइजर ने कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर उन्हें पिलाई और नशे की हालत में उनके साथ गलत काम किया. यहीं से उनके जीवन में डर, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का वो सिलसिला शुरू हुआ जो उनकी मौत पर जाकर खत्म हुआ.

पत्नी की मांग और 'बिहारी' कहकर जलील करने का आरोप

राम पुकार ने अपने पत्र में दावा किया है कि सुपरवाइजर उन्हें लगातार डराता था कि अगर किसी को बताया तो उन्हें बर्बाद कर देगा. सुपरवाइजर उनसे कैश में पैसे मांगता था और वापस नहीं करता था. विरोध करने पर मौत के घाट उतारने की धमकी दी जाती थी और कहा जाता था कि पुलिस में उसकी ऊंची पहुंच है.

हद तो तब हो गई जब देवेंद्र ने राम पुकार से लड़कियों का इंतजाम करने को कहा और मना करने पर उनकी पत्नी को बिहार से बुलाने का दबाव बनाने लगा. राम पुकार ने लिखा है कि उन्हें 'बिहारी' कहकर जलील किया जाता था. सुपरवाइजर बेहद आपत्तिजनक बातें कहता था कि बिहार की महिलाएं सस्ती बिकती हैं और हरियाणा में तो भैंस की कीमत भी लड़कियों से ज्यादा होती है.

कंपनी की लापरवाही और पुलिस पर भी सवाल

राम पुकार ने इस प्रताड़ना के खिलाफ आवाज भी उठाई थी. उन्होंने कंपनी के मैनेजर और HR विभाग से कई बार शिकायत की और अपना डिपार्टमेंट बदलने की गुहार लगाई. लेकिन आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय हर बार उन्हें समझौता करने के लिए मजबूर किया.

इस बीच, राम पुकार के परिवार ने पुलिस पर भी गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि शिकायत दर्ज करने के दौरान पुलिस ने उनसे कुछ शब्दों को हटाने और शिकायत बदलने का दबाव बनाया. आरोप यहां तक है कि पुलिस ने आरोपी सुपरवाइजर से पैसे लिए हैं, हालांकि अभी इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

15 मिनट पहले परिवार को भेजी थी मौत की दास्तां

17 मई की दोपहर को राम पुकार ने अपने परिवार को व्हाट्सएप पर 8 पन्नों की अपनी कहानी भेजी, जिसमें उन्होंने बताया कि वे अंदर से पूरी तरह टूट चुके हैं. मैसेज भेजने के करीब 15 मिनट बाद जब परिवार ने फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला. स्थानीय लोगों ने जब कमरा तोड़ा तो राम पुकार मृत पाए गए.

एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी के कारण शव की स्थिति भी काफी खराब हो गई थी. अब सवाल उस कंपनी पर खड़े हो रहे हैं जिसने शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं की और उस मानसिकता पर भी, जो आज भी 'बिहारी' होने के नाम पर लोगों को इस कदर प्रताड़ित कर रही है कि वे अपनी जान लेने पर मजबूर हो रहे हैं.

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इनपुट- सौरभ कुमार 

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