हरियाणा के गुरुग्राम से एक बेहद ही शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने आधुनिकता के दावों के बीच क्षेत्रवाद और भाषाई नफरत के काले सच को एक बार फिर उजागर कर दिया है. चमचमाती साइबर सिटी और ऊंची-ऊंची इमारतों वाले इस शहर में बिहार के एक कामकाजी युवक को सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि आरोपियों को उसका बिहारी लहजा और हिंदी भाषा समझ नहीं आ रही थी. आरोपियों ने युवक को तब तक थप्पड़ और घूंसे मारे जब तक कि वह लहूलुहान होकर मौके पर ही बेहोश नहीं हो गया. गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.
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भोजपुर का रहने वाला है पीड़ित युवक
पीड़ित युवक की पहचान आदित्य राज पांडे के रूप में हुई है, जो बिहार के भोजपुर जिले का मूल निवासी है. आदित्य अपने बेहतर भविष्य और परिवार की उम्मीदों को पूरा करने के लिए अपने घर से दूर गुरुग्राम में रह रहा था. वह गुरुग्राम के सेक्टर 48 स्थित 'कैंडो टेक स्पेस' में नौकरी करता है. पीड़ित को अंदाजा भी नहीं था कि एक दिन उसकी अपनी मातृभाषा और बोलने का अंदाज ही उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा.
दोस्तों के कमरे पर बुलाकर वारदात को दिया अंजाम
यह पूरी घटना बीते 20 और 21 मई की बताई जा रही है. 20 मई की रात को आदित्य के सहकर्मी अंश त्यागी ने उसे मिलने के लिए डीएलएफ फेज-3 स्थित एक बिल्डिंग में बुलाया, जहां अंश का दोस्त रहता था. अपने साथी पर भरोसा करके आदित्य 21 मई को उस कमरे पर पहुंचा.
वहां कमरे के अंदर पहले से ही अंश और जोयल के अलावा उदय संसनवाल और निखिल संसनवाल नाम के दो अन्य युवक मौजूद थे. बताया जा रहा है कि इन दोनों आरोपियों ने भारी मात्रा में शराब पी रखी थी. शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन जैसे ही जोयल खाने का सामान लेने नीचे गया, कमरे का माहौल अचानक हिंसक हो गया.
बिहारी लहजे का उड़ाया मजाक, विरोध करने पर किया जानलेवा हमला
कमरे में मौजूद उदय और निखिल ने अचानक आदित्य की हिंदी और उसके बिहारी लहजे का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया. वे बार-बार आदित्य से कह रहे थे कि 'हमें तुम्हारी भाषा समझ नहीं आती, तुम लोग कैसे बोलते हो'. शुरुआत में आदित्य इसे सामान्य मजाक समझकर शांत रहा, लेकिन जब आरोपियों की बातें बर्दाश्त से बाहर और अपमानजनक होने लगीं, तो आदित्य ने इसका विरोध किया. आदित्य का विरोध करना आरोपियों को इस कदर नागवार गुजरा कि उदय संसनवाल ने उसे एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया.
बीच-बचाव न होता तो जा सकती थी जान
थप्पड़ मारने के बाद दोनों आरोपियों पर हिंसा का नशा इस कदर हावी हो गया कि उन्होंने आदित्य को चारों तरफ से घेर लिया. इसके बाद उदय और निखिल ने मिलकर आदित्य के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ घूंसे बरसाने शुरू कर दिए. मारपीट इतनी बर्बरता से की गई कि आदित्य का पूरा चेहरा खून से सन गया और उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद वह जमीन पर गिर पड़ा. पीड़ित का कहना है कि अगर उसके दोस्त अंश त्यागी और जोयल अपनी जान जोखिम में डालकर बीच-बचाव नहीं करते, तो आरोपी उसकी जान ही ले लेते.
अस्पताल में भर्ती है पीड़ित, पुलिस कर रही छापेमारी
लगातार हुई पिटाई और अत्यधिक खून बह जाने के कारण आदित्य मौके पर ही बेहोश हो गया था. इसके बाद आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए. आदित्य के दोस्तों ने किसी तरह उसे संभाला और तुरंत RBS अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है.
इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने पीड़ित आदित्य राज पांडे के बयान के आधार पर आरोपी उदय संसनवाल और निखिल संसनवाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा.
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