बिहार के वैशाली जिले में हुए नाव हादसे की भयावह तस्वीर अब चश्मदीदों की जुबानी सामने आ रही है. हादसे के चश्मदीद डोमन राय ने बताया कि इस दुर्घटना में उनका अपना परिवार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. उनके परिवार के कई बच्चे भोज खाने के लिए नदी पार गए थे. लौटने के दौरान नाव हादसे का शिकार हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही डोमन राय नदी की ओर दौड़े और बच्चों को बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी. लेकिन बच्चों को बचाने की कोशिश में उनकी अपनी जान भी खतरे में पड़ गई.
ADVERTISEMENT
भोज खाने गए थे बच्चे, लौटते समय पलट गई नाव
डोमन राय के मुताबिक, उनका परिवार राघोपुर से आया हुआ था. शाम करीब सात बजे जब वे घर पहुंचे, तो परिवार के बच्चे दरवाजे पर ही मौजूद थे. इसी दौरान परिवार के कुछ छोटे बच्चे भोज खाने के लिए दूसरे गांव जाने की बात कहने लगे. उन्होंने बताया कि उनके घर और भोज वाले स्थान के बीच करीब 300 मीटर की दूरी पर नदी थी. बच्चे नाव से नदी पार करके भोज खाने गए थे. लौटते समय नाव हादसे का शिकार हो गई. डोमन राय को शुरुआत में इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उनके अपने परिवार के बच्चे भी नाव पर सवार हैं.
बहू की आवाज सुनते ही नदी की ओर दौड़े डोमन राय
डोमन राय ने बताया कि वे घर के दरवाजे पर बैठे थे. तभी छत से उनकी बहू ने आवाज लगाई कि नदी में हादसा हो गया है और नाव पलट गई है. यह सुनते ही वे बिना देर किए नदी की ओर भागे. डोमन राय के मुताबिक, नदी किनारे पहुंचने के बाद उन्होंने बच्चों को बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी. वे तैरकर उन बच्चों तक पहुंचे, जो पानी में डूब रहे थे. उन्होंने बताया कि दो छोटे बच्चे उनके ऊपर चढ़ गए और उन्हें पकड़ने लगे. बच्चों को बचाने की कोशिश में वे खुद भी पानी पीने लगे और डूबने की स्थिति में पहुंच गए. डोमन राय ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि वे खुद भी थक चुके थे, लेकिन बच्चों को बचाने की कोशिश कर रहे थे. उस समय हालात ऐसे थे कि अपनी जान बचाना भी मुश्किल हो रहा था.
अपने ही परिवार के बच्चों को लेकर परेशान हैं डोमन राय
इस हादसे में डोमन राय का अपना परिवार भी प्रभावित हुआ है. उन्होंने बताया कि उनके परिवार की बेटी चांदनी कुमारी हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती है. वहीं पिंकी कुमारी के बारे में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि वह कहां है और उसकी क्या स्थिति है. डोमन राय ने शालिनी कुमारी, अपने नाती पुटुस और पोते कार्तिक का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, उनकी बेटी ने डूबते समय दोनों बच्चों को बचाने की कोशिश की. उसने दोनों बच्चों को बाहर निकाल दिया, लेकिन इसके बाद वह खुद बेहोश होकर गिर पड़ी. परिवार के कई सदस्यों के हादसे में फंसने के कारण डोमन राय की चिंता लगातार बढ़ रही है. उन्हें यह भी स्पष्ट जानकारी नहीं थी कि उनके परिवार के कौन-कौन से सदस्य हादसे का शिकार हुए हैं और कौन सुरक्षित है.
अपनों की तलाश में भटक रहा परिवार
नाव हादसे के बाद प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी परेशानी अपने लोगों की जानकारी जुटाने की है. डोमन राय की आपबीती बताती है कि हादसे के दौरान किस तरह लोग अपने बच्चों और परिजनों को बचाने के लिए जान जोखिम में डाल रहे थे. एक तरफ नदी में डूबते लोगों को बचाने की कोशिशें चल रही थीं, तो दूसरी तरफ परिवार के लोग अपने बच्चों और रिश्तेदारों की सलामती की खबर पाने के लिए परेशान थे.
हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया
हाजीपुर नाव हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है. डोमन राय का बयान इस दुर्घटना की भयावहता और अपनों को खोने के डर को सामने लाता है. हादसे में उनके परिवार के सभी सदस्यों की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है.
ADVERTISEMENT


