बिहार के वैशाली जिले में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. गंगा नदी में नाव पलटने की इस घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और मातम का माहौल है. हादसे में अपने बच्चों को खोने वाली एक मां का दर्द उस वक्त सामने आया, जब वह वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी. मां की बेबसी और उसकी आंखों से छलकते आंसुओं ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया. ‘अब मेरे पास कुछ नहीं बचा’ मां के इन शब्दों में अपनों को खोने का दर्द साफ झलक रहा था. अपने कलेजे के टुकड़ों को खोने वाली मां डीएम के सामने अपनी पीड़ा बयां करती रही. इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी गमगीन माहौल देखने को मिला.
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भोज खाने जा रहे थे बच्चे, इसी दौरान पलट गई नाव
मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे पड़ोस के गांव में भोज खाने के लिए जा रहे थे. इसी दौरान नाव पलट गई और कई लोग नदी में डूब गए. हादसे की खबर मिलते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. परिजनों की चीख-पुकार के बीच बचाव दल ने लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. वीडियो में वैशाली की डीएम वर्षा सिंह घटना की जानकारी देते हुए बताती हैं कि नाव पर करीब 15 से 20 बच्चे सवार थे. उन्होंने बताया कि हादसे के बाद बचाव अभियान चलाया जा रहा था और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर मौजूद थीं.
मां का दर्द देख भावुक हुईं डीएम वर्षा सिंह
हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों का दुख घटनास्थल पर साफ दिखाई दिया. इसी दौरान एक महिला अपनी पीड़ा पर काबू नहीं रख सकी और डीएम वर्षा सिंह से लिपटकर रोने लगी. महिला बार-बार अपने बच्चों को याद कर रही थी और अपनी बेबसी जाहिर कर रही थी. इस भावुक दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है. हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को सांत्वना देना और उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है.
हादसे के बाद प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली. कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि नाव को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई थी, लेकिन समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए. लोगों ने नाव की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं. हालांकि, नाव की स्थिति, पूर्व शिकायतों और जिम्मेदारी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है. इन सवालों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच अपनों की तलाश में जुटे परिजन
नाव हादसे के बाद बचाव अभियान चलाया गया. डीएम के बयान के मुताबिक, कई लोगों को रेस्क्यू किया गया था और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. वीडियो में हादसे के दौरान 13 शव मिलने और बाद में कुल 14 मौतों का उल्लेख किया गया है.यह हादसा कई परिवारों को ऐसा जख्म दे गया, जिसे भरना आसान नहीं होगा. एक मां की पुकार ने इस त्रासदी के मानवीय पहलू को सामने ला दिया है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हादसे की परिस्थितियों की जांच में क्या सामने आता है और क्या जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो पाती है.
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