बिहार की रहने वाली साक्षी झा इन दिनों कॉमेडी शो 'इंडियास गॉट लेटेंट' के नए सीजन में दिए गए अपने विवादित बयानों को लेकर चौतरफा विवादों में घिर गई हैं. शो के मंच पर अपनी प्रस्तुति के दौरान साक्षी ने खुद को 'मैन हेटर' (पुरुषों से नफरत करने वाली) बताया. उन्होंने न सिर्फ सामान्य रूप से पुरुषों पर टिप्पणी की, बल्कि अपने ही परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कहीं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी तीखी आलोचना हो रही है.
ADVERTISEMENT
'पापा-दादा और भाई से भी है नफरत...'
शो के दौरान साक्षी झा ने खुले मंच से कहा कि वह मर्दों से नफरत करती हैं. जब शो के जजों और पैनलिस्ट ने उनसे सवाल किया कि क्या इस नफरत में उनके परिवार के पुरुष सदस्य भी शामिल हैं, तो साक्षी ने बिना किसी झिझक के कहा, "पापा हैं, लेकिन हैं तो मर्द ही. मुझे उनसे भी नफरत है, दादा से भी नफरत है और मेरे भाई से भी." जब जजों ने उनसे इस गहरी नफरत और सोच की वजह पूछी, तो उन्होंने इसे 'जनरेशनल ट्रॉमा' (पीढ़ियों से चला आ रहा मानसिक और सामाजिक तनाव) बताया.
पति को दारू पीकर बेल्ट से पीटना जिंदगी का मकसद
साक्षी ने मंच पर एक और ऐसा बयान दिया जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया. उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी का एक बड़ा मकसद यह है कि वह भविष्य में अपने पति को दारू पीकर बेल्ट से पीटें. इस टिप्पणी के बाद शो के जज और दर्शक दोनों कुछ पल के लिए सन्न रह गए. इतना ही नहीं, साक्षी ने बिहार को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि 'बिहार के मर्द अच्छे नहीं होते'.
जजों ने दिया 'शून्य', सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
साक्षी झा का यह प्रदर्शन शो के जजों को बिल्कुल रास नहीं आया. सभी जजों ने उनकी इस प्रस्तुति और बयानों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें शून्य (0) अंक दिए. वह इस सीजन की पहली ऐसी प्रतिभागी बनीं जिन्हें हर जज से जीरो स्कोर मिला है. एपिसोड के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर कोई शिक्षक या सरकारी कर्मचारी सार्वजनिक मंच पर इस तरह की हिंसक और नफरत भरी बातें करता है, तो इसका समाज और छात्रों पर क्या असर पड़ेगा.
क्या बिहार सरकार ने नौकरी से सस्पेंड कर दिया? जानें सच
सोशल मीडिया पर साक्षी झा के बयानों के वायरल होने के बाद एक और दावा तेजी से फैलने लगा कि उन्हें बिहार सरकार ने उनकी सरकारी नौकरी से सस्पेंड कर दिया है. हालांकि, इस दावे में कितनी सच्चाई है, इसका पता भी सामने आ गया है. दरअसल, साक्षी झा को नौकरी से सस्पेंड किए जाने के संबंध में अब तक बिहार सरकार, शिक्षा विभाग या किसी भी संबंधित विभाग/स्कूल की ओर से कोई आधिकारिक आदेश या बयान जारी नहीं किया गया है. इसलिए फिलहाल उनके सस्पेंशन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यह दावा पूरी तरह से निराधार है. बिना आधिकारिक आदेश के इसे सिर्फ एक सोशल मीडिया अफवाह या दावा ही माना जाएगा.
ADVERTISEMENT


