बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई शर्मनाक घटना के बाद मुख्य आरोपी नंदन यादव की सोशल मीडिया रील चर्चा में है. घटना के बाद सामने आई रीलों में नंदन यादव का कथित दबंग अंदाज नजर आता है. इसी सोशल मीडिया गतिविधि को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराधियों को सीधा संदेश दिया है.
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नंदन यादव की रील बनी चर्चा का केंद्र
जमुई की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की. मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. इसी बीच उसकी पुरानी सोशल मीडिया रीलें भी सामने आने लगीं. एक वायरल रील में नंदन यादव अपने साथी के साथ बाइक पर बैठकर वीडियो बनाता नजर आ रहा है. उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों में कथित तौर पर दबंग छवि दिखाने वाली कई रीलें भी सामने आई हैं. पुलिस की कार्रवाई और इन वीडियो के बीच अब सोशल मीडिया पर अपराधियों के 'रील कल्चर' को लेकर बहस तेज है.
'पुलिस को चैलेंज क्यों करते हो?'
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमुई की घटना के संदर्भ में अपराधियों को पुलिस को चुनौती नहीं देने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि बिहार का प्रशासन सुशासन के लिए जाना जाता है और सुशासन के साथ सुरक्षा जरूरी है. सीएम ने कहा कि अपराधी पुलिस को चुनौती क्यों देते हैं. उन्होंने अपने बयान में कहा कि अगर पुलिस को चुनौती दी जाएगी तो 24 घंटे के भीतर जवाब मिलेगा. सम्राट चौधरी का संदेश साफ था कि अपराध करके और सोशल मीडिया पर उसका प्रदर्शन करके कोई व्यक्ति समाज का हीरो नहीं बन सकता.
'रील नहीं बनाया होता तो पकड़ाता क्या?'
सम्राट चौधरी ने इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर रील बनाने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि आजकल रील बनाने के चक्कर में लोग मारे जा रहे हैं. जमुई की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'उसने यदि रील नहीं बनाया होता तो पकड़ाता क्या?' उनके मुताबिक सोशल मीडिया पर बनाई गई रीलें कई बार अपराधियों तक पहुंचने का सुराग भी बन जाती हैं.
अपराधी की कोई जाति नहीं- सम्राट
जमुई कांड के बाद घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हुई. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी चिंता सुशासन है और अपराधी की कोई जाति नहीं होती. उन्होंने कानून-व्यवस्था के सवाल पर यह संदेश देने की कोशिश की कि अपराध करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई उसकी पहचान या जाति देखकर नहीं, बल्कि अपराध के आधार पर होगी.
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