बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है. घटना को लेकर विपक्षी दल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. इसी बीच सम्राट चौधरी का सितंबर 2025 का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने रात के समय गांव में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा दावा किया था. इस पुराने बयान को आधार बनाकर आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य समेत विपक्ष के कई नेताओं ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की है. हालांकि, यह मांग विपक्षी नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रिया है, जबकि जमुई मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई अलग स्तर पर जारी है.
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क्या था सम्राट चौधरी का पुराना बयान?
29 सितंबर 2025 को आजतक न्यूज कार्यक्रम में तत्कालीन डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से बिहार में सुरक्षा और गांवों की स्थिति को लेकर सवाल किया गया था. इसी दौरान उन्होंने कहा था कि अगर कोई व्यक्ति रात 12 बजे खाना खाने के बाद अपने गांव में घूमने जाए और किसी ने उसे छू दिया, तो वह अगली सुबह अपना इस्तीफा दे देंगे. उस समय सम्राट चौधरी बिहार के डिप्टी सीएम थे. अब करीब एक साल बाद जमुई की घटना के बीच उनका वही बयान सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर किया जा रहा है.
जमुई मामले के बाद क्यों वायरल हुआ बयान?
19 सितंबर को जमुई में 10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया था. दोनों कोचिंग से लौट रहे थे. पुलिस के मुताबिक, घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की. मामले में SIT भी बनाई गई है. मुख्य आरोपी समेत कुल 5 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. इसी घटना के बाद सम्राट चौधरी का पुराना बयान विपक्ष के निशाने पर आ गया है. विपक्षी नेता अब उनके पुराने दावे को जमुई की घटना से जोड़कर सरकार से कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर जवाब मांग रहे हैं.
रोहिणी आचार्य ने मांगा इस्तीफा
आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने सम्राट चौधरी के पुराने बयान को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपने पुराने बयान पर कायम हैं तो जमुई की घटना के बाद उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में यह भी सवाल उठाया कि सार्वजनिक मंच से सुरक्षा को लेकर किए गए दावे और जमीन पर सामने आने वाली घटनाओं के बीच सरकार की जवाबदेही क्या है.
जमुई मामले में पुलिस की क्या कार्रवाई हुई?
जमुई मामले में पुलिस ने घटना का वीडियो सामने आने के बाद जांच शुरू की थी. पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया और फरार आरोपियों की तलाश के लिए SIT का गठन किया. 22 सितंबर को मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. पुलिस के मुताबिक, इस दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.यानी एक तरफ पुलिस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच को आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है.
अब सियासी सवाल यही- पुराने बयान पर क्या जवाब देंगे सम्राट?
जमुई की घटना के बाद सम्राट चौधरी का करीब एक साल पुराना बयान फिर चर्चा में आ गया है. विपक्ष उस बयान को मौजूदा घटना से जोड़कर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है.वहीं, जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है और मुख्य आरोपी नंदन यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले की जांच के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी रहने की संभावना है.
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