Bihar MLC Election: जन सुराज के 5 MLC उम्मीदवार कौन? शिक्षक से लेकर स्नातक तक, जानिए किस चेहरे पर PK ने लगाया दांव

ऋचा शर्मा

21 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 21 2026 1:18 PM)

जन सुराज ने बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों में से 5 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने एसपी राय, रवींद्र कुमार यादव, अफाक अहमद, डॉ. दिव्या ज्योति और डॉ. रजनीश रंजन को मैदान में उतारा है. जानिए इन पांचों उम्मीदवारों की प्रोफाइल, राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि और किन मुद्दों के साथ जन सुराज ने इन पर दांव लगाया है.

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बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों पर चुनाव होने हैं. इस चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. पार्टी ने फिलहाल 5 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया है. इनमें तीन शिक्षक और दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. तीन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा अभी बाकी है.

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जन सुराज की पहली सूची में ऐसे चेहरे शामिल हैं जिनका संबंध शिक्षा, शिक्षक संगठनों, रोजगार और स्थानीय मुद्दों से रहा है. वहीं पार्टी ने एक मौजूदा MLC पर भी दोबारा भरोसा जताया है.

एसपी राय: शिक्षक संगठन से लेकर चुनावी मैदान तक का अनुभव

दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज ने डॉ. सुरेश प्रसाद राय यानी एसपी राय को उम्मीदवार बनाया है. एसपी राय का शिक्षा और शिक्षक संगठनों से पुराना जुड़ाव रहा है. वह बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. इसके अलावा भाजपा के शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं.

एसपी राय के पास चुनाव लड़ने का अनुभव भी है. 2020 में उन्होंने दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और रनर-अप रहे थे. सितंबर 2026 की शुरुआत में उन्होंने जन सुराज का दामन थामा और अब पार्टी ने उन्हें दरभंगा शिक्षक सीट से उम्मीदवार बनाया है. यानी एसपी राय के पास शिक्षक संगठनों के बीच काम करने का अनुभव है और साथ ही वह पहले चुनाव भी लड़ चुके हैं. जन सुराज के लिए यह पूरी तरह नया चेहरा नहीं है.

रवींद्र कुमार यादव: स्नातक मतदाताओं के बीच रोजगार का मुद्दा

दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज ने रवींद्र कुमार यादव को टिकट दिया है. स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दे अहम माने जाते हैं. जन सुराज ने भी इन चुनावों में रोजगार को प्रमुख मुद्दा बनाया है. प्रशांत किशोर ने घोषणा की है कि जिन स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जन सुराज के उम्मीदवार जीतेंगे, वहां 10 हजार शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार देने की दिशा में काम किया जाएगा.

रवींद्र यादव की पहचान भी शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों के साथ सक्रिय चेहरे के तौर पर रही है. ऐसे में पार्टी ने उन्हें दरभंगा स्नातक सीट से उतारकर अपने रोजगार वाले चुनावी संदेश को उम्मीदवार की प्रोफाइल से जोड़ने की कोशिश की है.

अफाक अहमद: 2023 में जीते, अब जन सुराज के उम्मीदवार

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज ने मौजूदा MLC अफाक अहमद को उम्मीदवार बनाया है. अफाक अहमद पहले शिक्षक रह चुके हैं. उन्होंने लंबे समय तक शिक्षण कार्य किया और शिक्षक समुदाय के बीच उनका पुराना संपर्क है. 2023 के चुनाव में वह सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद पहुंचे थे. उस समय प्रशांत किशोर ने उनका समर्थन किया था. अब जन सुराज ने उन्हें अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है.

अफाक के पास चुनावी अनुभव के साथ-साथ विधान परिषद में काम करने का अनुभव भी है. पार्टी ने ऐसे चेहरे को दोबारा मैदान में उतारा है जो पहले से इस निर्वाचन क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पहचान बना चुका है.

डॉ. दिव्या ज्योति: शिक्षक आंदोलन और शिक्षा से जुड़ा चेहरा

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. दिव्या ज्योति को उम्मीदवार बनाया गया है. दिव्या ज्योति शिक्षाविद् रही हैं. उन्होंने चाणक्य कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम किया है. चाणक्य फाउंडेशन से भी उनका जुड़ाव रहा है.

बालिका शिक्षा, शिक्षक सम्मान और शिक्षक अधिकार जैसे मुद्दों पर उनकी सक्रियता रही है. शिक्षक आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर भी वह अपनी आवाज उठाती रही हैं. खास बात यह है कि जन सुराज में शामिल होने से पहले भी वह पटना शिक्षक सीट से चुनावी तैयारी कर रही थीं. पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें इसी सीट से उम्मीदवार बना दिया गया.

डॉ. रजनीश रंजन: कोसी में स्थानीय पहचान के साथ रोजगार का मुद्दा

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज ने डॉ. रजनीश रंजन को टिकट दिया है. सहरसा से जुड़े रजनीश रंजन खुद को 'कोसी पुत्र' बताते हैं. टिकट की घोषणा से पहले से ही वह कोसी क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहे थे और स्नातक मतदाताओं के साथ संवाद कर रहे थे.

रजनीश रंजन के अभियान में रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे हैं. बेरोजगार स्नातकों के लिए ब्याज मुक्त लोन, परीक्षा कैलेंडर, सुरक्षा बीमा और कैशलेस इलाज जैसे मुद्दों को वह उठाते रहे हैं. इसलिए कोसी स्नातक सीट पर उनकी उम्मीदवारी में स्थानीय पहचान के साथ रोजगार और युवा मुद्दों का मेल दिखाई देता है.

पांचों उम्मीदवारों को एक साथ देखें तो क्या तस्वीर बनती है?

जन सुराज की पहली सूची में तीन शिक्षक और दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार हैं. शिक्षक सीटों पर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े चेहरों को जगह मिली है, जबकि स्नातक सीटों पर रोजगार और युवा मुद्दों से जुड़े चेहरों को आगे किया गया है.

वहीं अफाक अहमद और एसपी राय जैसे उम्मीदवारों के पास चुनावी या संगठनात्मक अनुभव है, जबकि दिव्या ज्योति और रजनीश रंजन जैसे चेहरे अपेक्षाकृत नए राजनीतिक विकल्प के तौर पर सामने आए हैं. अब बाकी तीन सीटों पर जन सुराज किन चेहरों को मैदान में उतारती है, इस पर नजर रहेगी.