बिहार में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार पर छात्रों और युवाओं के साथ बड़ा छल करने का गंभीर आरोप लगाया है. जन सुराज के मुख्य प्रवक्ताओं ने प्रेस वार्ता के दौरान बिहार सरकार का एक आधिकारिक पत्र मीडिया के सामने रखते हुए सनसनीखेज खुलासा किया कि राज्य सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाले 4 लाख के ब्याज-मुक्त ऋण को घटाकर मात्र ₹2 लाख कर दिया है.
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आधिकारिक पत्र के हवाले से Jan Suraaj ने किए ये 4 बड़े खुलासे
- ऋण राशि में 50% की कटौती: 2016 से संचालित सात निश्चय योजना के तहत बिहार या बाहर पढ़ाई करने वाले छात्रों को 4 लाख रुपये का इंटरेस्ट-फ्री (ब्याज मुक्त) लोन मिलता था, जिसे अब घटाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है.
- 2 लाख रुपये से ऊपर के लोन पर लगेगा ब्याज: यदि कोई छात्र 2 लाख रुपये से अधिक का लोन लेना चाहता है, तो उसे बैंकों के चक्कर काटने होंगे और उस अतिरिक्त राशि पर ब्याज देना होगा.
- NIRF रैंकिंग की कड़ी शर्त लागू: नई नीति के तहत अब केवल वही छात्र इस योजना का लाभ उठा पाएंगे जो NIRF (National Institutional Ranking Framework) से मान्यता प्राप्त संस्थानों में नामांकित हैं. इससे बिहार के अधिकांश सामान्य कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र खुद-ब-खुद योजना से बाहर हो जाएंगे.
- चुपके से लागू किया गया फैसला: जन सुराज का आरोप है कि पिछले सप्ताह कैबिनेट में योजना को 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी का ढिंढोरा पीटा गया, लेकिन लोन की रकम आधी करने के इस फैसले को पूरी तरह छुपा कर रखा गया.
जन सुराज ने दिया अल्टीमेटम
पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि
बिहार सरकार बताए कि आज के दौर में ₹2 लाख में नर्सिंग या अन्य कोई प्रोफेशनल पढ़ाई कैसे संभव है?जहां इस राशि को 4 लाख से बढ़ाकर 6 लाख करना चाहिए था, वहां इसे घटाकर आधा कर दिया गया. अगर सरकार इस जनविरोधी फैसले को वापस लेकर पुरानी व्यवस्था (4 लाख ब्याज-मुक्त लोन) तुरंत बहाल नहीं करती है, तो जन सुराज सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन करेगी.
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