JDU में घमासान... KC त्यागी के इस बयान पर पार्टी में नाराजी, कार्रवाई की तैयारी

जेडीयू नेता केसी त्यागी के आईपीएल और मुस्तफिजुर रहमान पर दिए बयान से पार्टी नेतृत्व नाराज है. बिना पार्टी से सलाह लिए बयान देने पर उनसे जवाब मांगा जाएगा.

KC Tyagi
KC Tyagi

हिमांशु मिश्रा

follow google news

KC Tyagi: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दिग्गज नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सलाहकार केसी त्यागी एक बार फिर अपनी बयानबाजी को लेकर मुश्किलों में घिर गए हैं. ताजा मामला बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान और आईपीएल (IPL) से जुड़ा है. सूत्रों की मानें तो पार्टी नेतृत्व उनके इस रुख से काफी नाराज है और जल्द ही उन पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है.

Read more!

आईपीएल विवाद बना ताजा वजह

मामला IPL में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को लेकर उठे विवाद से जुड़ा है. बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचार और हत्याओं के बाद भारत में मुस्तफिजुर को लेकर विरोध तेज हुआ था. इसके बाद BCCI के निर्देश पर उन्हें IPL से रिलीज कर दिया गया. के सी त्यागी ने इस मामले पर पार्टी लाइन से अलग जाकर बिना पार्टी को भरोसे में लिए बयान दिए.

इसी मुद्दे पर उन्होंने कहा कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए और जब बांग्लादेश ने हिंदू क्रिकेटर लिटन दास को कप्तान बनाया है तो भारत को भी मुस्तफिजुर के मामले में दोबारा सोचने की जरूरत है.

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों से भारतीय समाज में आक्रोश है. लेकिन पार्टी को उनका यह बैलेंस करने वाला बयान भी पसंद नहीं आया.

पार्टी लाइन से अलग राय पर आपत्ति

जेडीयू सूत्रों का कहना है कि आईपीएल जैसे खेल आयोजनों पर पार्टी का रुख स्पष्ट नहीं होता, ऐसे में किसी नेता का व्यक्तिगत बयान पार्टी और एनडीए गठबंधन की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है. नेतृत्व का मानना है कि दो देशों से जुड़े संवेदनशील मामलों पर बोलने से पहले पार्टी को विश्वास में लेना जरूरी था.

पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लिया है. अंदरखाने चर्चा है कि केसी त्यागी को जल्द नोटिस भेजा जा सकता है.

पहले भी विवादों में रहे हैं त्यागी

यह पहला मौका नहीं है जब केसी त्यागी ने पार्टी लाइन से हटकर बयान दिए हों. इससे पहले वे लैटरल एंट्री, समान नागरिक संहिता और इजराइल-फलस्तीन संघर्ष जैसे मुद्दों पर भी NDA की लाइन से अलग राय रख चुके हैं.

इन बयानों के चलते पार्टी को राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ा था और बाद में उन्हें प्रवक्ता पद से हटाकर राजीव रंजन प्रसाद को जिम्मेदारी सौंपी गई थी. त्यागी को प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा और बाद में उन्हें जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार का सलाहकार बनाया गया.

सलाहकार पद पर भी खतरा

अब पार्टी सूत्रों का कहना है कि केसी त्यागी का सलाहकार पद भी सेफ नहीं है. हाईकमान इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहा है कि क्या उन्हें इस जिम्मेदारी पर बनाए रखा जाए या नहीं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में जेडीयू इस मामले पर औपचारिक फैसला ले सकती है.

 

    follow google news