बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और सम्राट चौधरी कैबिनेट में बेटे निशांत कुमार के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद, अब निशांत को राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है. लगातार अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर एक्शन मोड में दिख रहे निशांत कुमार को अब बिहार की सीमाओं से बाहर एक बड़े नेता के रूप में पेश करने का प्लान JDU (जनता दल यूनाइटेड) ने तैयार किया है.
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वाराणसी को क्यों चुना गया लॉन्चपैड?
- निशांत कुमार की बिहार से बाहर पहली बड़ी राजनीतिक मौजूदगी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को चुना गया है.
- धार्मिक और राजनीतिक दौरा: निशांत कुमार हाल ही में वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का आशीर्वाद लिया.
- पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद: वाराणसी में वे स्थानीय JDU नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे और पार्टी के विचारों को जनता के सामने रखेंगे.
JDU का नाम बदलने और उत्तराधिकार की चर्चा
पार्टी के अंदरूनी हलकों में इस बात की भी तेजी से चर्चा चल रही है कि नीतीश कुमार के बाद पार्टी को एकजुट रखने के लिए निशांत ही सबसे मजबूत चेहरा हैं. राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा द्वारा पार्टी का नाम जेडीयू (JDU) से बदलकर JDN (जनता दल नीतीश) करने का सुझाव दिए जाने की बातें सामने आ रही हैं. इसका मकसद नीतीश कुमार के पारंपारिक वोट बैंक और समर्थकों को सीधे तौर पर निशांत कुमार से जोड़ना है.
UP चुनाव और बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति
JDU की इस पहल का सीधा संबंध उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों से भी जोड़कर देखा जा रहा है:
- कुर्मी वोट बैंक पर पकड़: पूर्वांचल और यूपी के कई क्षेत्रों में कुर्मी समाज का 40 से 60 सीटों पर सीधा प्रभाव माना जाता है.
- NDA में सीटों की दावेदारी: पिछली बार JDU ने यूपी में अकेले 27 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन खाता नहीं खोल सकी. इस बार निशांत के चेहरे को आगे रखकर JDU, एनडीए गठबंधन के तहत बीजेपी से सीटों की मांग कर सकती है.
- पार्टी का विस्तार: बिहार से सटे पूर्वांचल के इलाकों में पार्टी का आधार मजबूत कर निशांत कुमार का कद राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाना JDU का मुख्य ध्येय है.
कानून व्यवस्था पर बोले निशांत
वाराणसी दौरे के दौरान जब मीडिया ने निशांत कुमार से बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है. उन्होंने कहा कि जब भी कोई घटना सामने आती है, तो प्रशासन द्वारा तुरंत सख्त कार्रवाई की जाती है.
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