बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था का गत्ता मॉडल! जहानाबाद में टूटे पैर पर प्लास्टर की जगह बांधा कार्टून

बिहार के जहानाबाद में सड़क हादसे में घायल युवकों के टूटे पैरों पर प्लास्टर लगाने की जगह डॉक्टरों ने गत्ते का टुकड़ा बांधकर पीएमसीएच रेफर कर दिया. घटना की तस्वीर वायरल होने पर तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला है.

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बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे महकमे की दावों की पोल खोलकर रख दी है. राजधानी पटना से महज 45 किलोमीटर दूर जहानाबाद जिले में डॉक्टरों ने टूटे पैर के इलाज के नाम पर ऐसा कारनामा किया, जिसे देखकर हर कोई हैरान है. सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवकों के फ्रैक्चर पैरों पर प्लास्टर या मेडिकल स्प्लिंट लगाने के बजाय कार्टून (गत्ते) के टुकड़े बांधकर उन्हें पटना रेफर कर दिया गया. इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही हड़कंप मच गया है.

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क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के मुताबिक, जहानाबाद के हुलासगंज थाना क्षेत्र के पास दो मोटरसाइकिलों की सीधी टक्कर हो गई थी. इस सड़क हादसे में चार लोग घायल हो गए, जिनमें से दो युवकों के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ था. स्थानीय लोग तुरंत घायलों को इलाज के लिए हुलासगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए.आरोप है कि वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के दौरान टूटे पैरों को सहारा देने के लिए गत्ते (कार्टून) के टुकड़े को बैंडेज से लपेट दिया. इसके बाद उन्हें जहानाबाद सदर अस्पताल भेजा गया. परिजनों को उम्मीद थी कि जिला अस्पताल पहुंचने पर बेहतर इलाज और प्लास्टर मिलेगा, लेकिन वहां भी उन्हें प्लास्टर नहीं लगाया गया और डॉक्टरों ने सीधे पटना (PMCH) रेफर कर दिया.

तेजस्वी यादव का सरकार पर करारा तंज

मामला सामने आने के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर तीखा हमला बोला. तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "क्या बिहार की वित्तीय स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि जिला अस्पताल में टूटे पैर पर प्लास्टर चढ़ाने तक के लिए सरकार के पास पैसे नहीं बचे हैं? बिहार का स्वास्थ्य विभाग खुद आईसीयू में वेंटिलेटर पर चला गया है." तेजस्वी ने आगे कहा कि राजधानी से इतनी कम दूरी पर स्थित जिला अस्पताल में मरीजों को प्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं, जो बेहद शर्मनाक है.

प्रशासन में हड़कंप, डॉक्टरों से मांगा गया जवाब

वायरल तस्वीर का संज्ञान स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया है. मामला तूल पकड़ते ही जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया. जहानाबाद के जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन, सदर अस्पताल के अधीक्षक और डीपीएम को तलब किया. घटना में दोषी और लापरवाह डॉक्टरों को शो-कॉज नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है. 

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