झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों तथा हेमंत सोरेन सरकार के बीच गतिरोध पिघलता नजर आ रहा है. रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में शनिवार को सरकार की उच्चस्तरीय मंत्रियों की समिति और 'JPSC JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच' के 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के बीच 1 घंटे लंबी अहम बैठक हुई.
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वार्ता के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने बैठक को सकारात्मक करार दिया है. हालांकि छात्रों ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी ठोस मांगे नहीं मानी गईं, तो वे अपना आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रखेंगे.
हेमंत सरकार ने गठित किया 4 मंत्रियों का पैनल
छात्रों के बढ़ते आक्रोश और आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर 4 मंत्रियों का एक विशेष पैनल गठित किया गया था. इस पैनल में चमरा लिंडा, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडे सिंह और संजय प्रसाद यादव शामिल थे.
मंत्रियों की इस समिति ने पहले शुक्रवार को छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और शनिवार को न्याय मंच के 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एक घंटे तक गंभीर चर्चा की.
सुझाव और मांग पत्र के लिए स्पेशल Email ID जारी
एक घंटे तक चली इस बैठक में छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और धांधली की जांच से जुड़ी अपनी चिंताएं रखीं. सरकार ने छात्र प्रतिनिधियों से उनकी सभी औपचारिक मांगों व सुझावों को लिखित रूप में भेजने के लिए एक विशेष Email ID प्रदान की है. मुख्य छात्र समूहों से वार्ता के बाद सरकार एनएसयूआई (NSUI) और सत्तारूढ़ जेएमएम (JMM) के छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी आगे की चर्चा की.
'मांगे नहीं मानीं तो भूख हड़ताल रहेगी जारी'
बता दें कि छात्र 2 जुलाई को आयोजित JPSC 14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के नेतृत्व में कई अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं.
प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई है और उन्हें सीएम व मंत्रियों पर भरोसा है, लेकिन जब तक मांगों पर ठोस आदेश जारी नहीं होते, तब तक वे पूरी तरह आश्वस्त नहीं होंगे और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा.
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