JPSC घोटाले में बड़ा खुलासा, FRO के लिए 25 लाख तो ACF पद के 35 लाख की डील!

न्यूज तक डेस्क

• 10:47 AM • 12 Aug 2026

JPSC भर्ती घोटाले की जांच में अभय तिवारी ने CID के सामने कई बड़े दावे किए हैं. उसने 11वीं से 13वीं परीक्षा में पैसे लेकर इंटरव्यू नंबर बढ़ाने की बात बताई. FRO और ACF पदों के लिए लाखों की डील और 20 अभ्यर्थियों से 5.80 करोड़ रुपये लेने का दावा किया गया है.

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झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC भर्ती घोटाले की जांच में CID के सामने कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान दावा किया है कि 14वीं JPSC PT परीक्षा के अलावा 11वीं से 13वीं परीक्षा में भी गड़बड़ी हुई थी. उसके मुताबिक, इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने के लिए अभ्यर्थियों से पैसे लिए गए थे.

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FRO और ACF पदों के लिए लाखों की डील

अभय तिवारी ने सीआईडी को बताया कि फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर यानी FRO के एक पद के लिए 20 से 25 लाख रुपये तक की मांग की जाती थी. वहीं असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट यानी ACF पद के लिए 30 से 35 लाख रुपये तक की रकम तय होने का दावा किया गया.

तिवारी के अनुसार, उसने करीब 20 अभ्यर्थियों से कुल 5 करोड़ 80 लाख रुपये वसूले थे. उसने यह भी बताया कि CDPO परीक्षा में भी अभ्यर्थियों से 10 लाख रुपये लेने की बात सामने आई है.

इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने का आरोप

पूछताछ में अभय तिवारी ने दावा किया कि 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा के दौरान भी अभ्यर्थियों के साथ पैसों का लेन-देन हुआ था. पैसे लेकर इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने की बात कही गई है.

तिवारी के बयान के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क में नामकुम निवासी आदित्य पांडेय की अहम भूमिका थी. उसने कथित तौर पर कई लोगों से संपर्क कर अभ्यर्थियों के इंटरव्यू में नंबर बढ़वाने में मदद की.

खास इंटरव्यू बोर्ड में शामिल कराने का दावा

अभय तिवारी ने बताया कि लालू नाम के एक एजेंट के जरिए उसका संपर्क JPSC परीक्षा पास कर चुके तीन अभ्यर्थियों से हुआ था. इसके बाद इन अभ्यर्थियों को ऐसे इंटरव्यू बोर्ड में शामिल कराया गया, जहां उनके नंबर बढ़ाए जा सकें.

तिवारी ने पूछताछ में ख्यांग्ते और अजीता भट्टाचार्य के इंटरव्यू बोर्ड का भी जिक्र किया है. जांच एजेंसी अब उसके बयानों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.

CID करेगी JPSC की पूर्व सदस्य से पूछताछ

JPSC भर्ती घोटाले की जांच आगे बढ़ाते हुए सीआईडी अब आयोग की तत्कालीन सदस्य डॉ. अनिमा हांसदा से पूछताछ करने वाली है. इससे पहले जांच एजेंसी अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ कर चुकी है.

सीआईडी का फोकस इस बात पर है कि कथित तौर पर पैसे लेकर इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने के खेल में कौन-कौन लोग शामिल थे और इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था.

JSSC JE पेपर लीक में मुंबई से गिरफ्तारी

इसी बीच झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई की है. रांची पुलिस की स्पेशल टीम ने मुंबई से अरुण शर्मा को गिरफ्तार किया है.

अरुण शर्मा परीक्षा आयोजित कराने और डेटा मैनेजमेंट का काम संभालने वाली एजेंसी बिनसिस का संचालक और निदेशक बताया गया है. वह मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है.

CID मांग सकती है अरुण शर्मा की रिमांड

अरुण शर्मा को गिरफ्तार करने के बाद अब सीआईडी कोर्ट में उसकी रिमांड के लिए आवेदन कर सकती है. इसके साथ ही नामकुम थाना में दर्ज JSSC JE परीक्षा से जुड़े मामले को भी सीआईडी अपने हाथ में लेने की तैयारी कर रही है.

JPSC भर्ती घोटाले और JSSC पेपर लीक की जांच के बीच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है. अब जांच में सामने आए बयानों और आरोपों की पुष्टि के साथ-साथ कथित लेन-देन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है.