कानपुर किडनी रैकेट केस में फंसे आयुष की कहानी जान सबका कलेजा पसीज गया था, जिसने उसने मजबूरी का हवाला देते हुए इस जाल में फंसने की बात कही थी. लेकिन यही कहानी अब पूरी तरह से पलटते हुई दिखाई दे रही है. आयुष के गांव बेगूसराय से सामने आई एक कहानी ने इस मामले में नया एंगल दे दिया है. बताया जा रहा है कि आयुष ना तो एमबीए का स्टूडेंट है और ना ही गरीबी के कारण उसकी जमीन गिरवी रखी हुई है.
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पहले आयुष ने पुलिस को बताया था कि उसने पढ़ाई के लिए पैसे नहीं होने के कारण किडनी बेच दी थी, लेकिन जब मामले की जांच आगे बढ़ी तो हैरान करने वाली बात सामने आई है. गांव वालों और आयुष के करीबी परिजनों ने बताया है कि उसकी करतूत की वजह से उसके पिता ने अपनी जान दे दी और साथ ही वह पिछले 5 सालों से घर-परिवार से काफी दूर है. इसके अलावा भी कई खुलासे हुए है जिसने यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या आयुष सच में मजबूर था या फिर ये भी उसकी कोई सोची-समझी साजिश थी. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
गांव में था रसूखदार परिवार
आयुष की कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट की तरह ही है. वह बिहार के बेगूसराय जिले के भगवानपुर प्रखंड के औगान गांव का रहने वाला है. आयुष के पिता राजेश चौधरी एक अच्छे जमींदार थे और अपने दोनों बेटों आयुष और ऋषभ को पढ़ा-लिखाकर बड़ा आदमी बनाना चाहते थे. साल 2015 में आयुष ने 12वीं की परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया और फर्स्ट डिवीजन से पास हुआ. पिता बेटे की मेहनत और लगन देख काफी खुश थे और उसे डॉक्टर बनाने के लिए विशाखापट्टनम के चैतन्य इंस्टीट्यूट में एडमिशन कराया.
पढ़ाई के बजाय इश्क में लगा आयुष का मन
पिता ने बेटे के अच्छे भविष्य को ध्यान में रखते हुए इतनी दूर भेजा और सोचा की बेटा नीट की परीक्षा पास कर लेगा. लेकिन घर से बाहर निकले आयुष के जिंदगी की दिशा बदल गई. आयुष को साथ में ही पढ़ने वाली मटिहानी थाना क्षेत्र की एक लड़की से प्यार हो गया. वह उस लड़की के प्यार में इस कदर पागल हुआ कि वह पढ़ाई करने के बजाय बार-बार घर आने लगा. घर आने के बाद उसकी संगति भी बिगड़ गई और वह नशा करने लगा.
पिता ने तंग होकर कर ली थी आत्महत्या
आयुष के पढ़ाई ना करने और नशे में धुत होने की वजह से उसके पिता राजेश चौधरी परेशान रहने लगे और समझाने की कोशिश की. लेकिन उसे बिगड़ता देख राजेश चौधरी खुद को रोक नहीं पाए और साल 2017 में आत्महत्या कर लिया. पिता के जाने के बाद आयुष पर असर तो पड़ा लेकिन उल्टी दिशा में. पिता की मौत के बाद वह बिल्कुल फ्री हो गया और अपनी मनमानी करने लगा.
15 बीघा जमीन बेच नशे में उड़ा दिया
मिली जानकारी के मुताबिक, पिता के मौत के दो-तीन महीने बाद ही आयुष ने अपने हिस्से की जमीन बेचनी शुरू कर दी. धीरे-धीरे उसने 15 बीघा जमीन बेच दी और इन पैसों को उसने गांव के दोस्तों पर उड़ाया और जमकर नशेबाजी की. गांव में किसी के पूछने पर आयुष कहता था कि वह देहरादून में रहकर पढ़ाई कर रहा है. आपको बता दें कि ये वहीं जमीन है जिसकी आयुष ने पहले दुहाई दी थी.
एयर होस्टेस से की शादी, लेकिन नहीं चला रिश्ता
इसी बीच आयुष को यूपी की रहने वाली एक एयर होस्टेस से प्यार हो गया है. फिर साल 2018 में वह उसे अपने साथ गांव ले आया और उसके साथ रहने लगा. करीब 15-20 दिन तक दोनों की लव-स्टोरी देखने के बाद गांव वालों ने दोनों पर शादी का दबाव बनाया. दबाव और गांव वालों की वजह से आयुष से देवघर जाकर अपनी प्रेमिका दीपा के साथ ब्याह रचा लिया और फिर वापस गांव लौटा. शुरुआत में कुछ दिनों तक सब ठीक चला लेकिन अचानक एक दिन दीपा कहीं भाग गई और वापस लौटकर नहीं आई.
2021 के बाद नहीं आया गांव
दीपा के भाग जाने के बाद आयुष भी कही चला गया और फिर साल 2021 में गांव लौटा. इस बार वह अपने गांव में रहने के मकसद से आया था, लेकिन तब उसके ऋषभ ने घर में रखने और खाना देने, दोनों से ही मना कर दिया था. इसके बाद वह वापस लौट गया और फिर किसी से कोई बातचीत नहीं हुई.
हाथ पर मां के लिए टैटू, लेकिन उनसे कोई कनेक्शन नहीं
फिलहाल ऋषभ और उसकी पत्नी गांव के बाहर रहते है और आयुष के पुश्तैनी मकान में उनकी विधवा मां रीता देवी अकेले रहती है. बताया जा रहा है कि 2021 में घर से चले जाने के बाद आयुष ने घरवालों से कभी कोई संपर्क नहीं किया. हालांकि जब आयुष अस्पताल में था तब उसके हाथ पर I Love You Mom का टैटू दिखा था, जो कि अब इस मामले को और उलझा रहा है.
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