कटिहार में सब्जियों को रंगने के बाद अब मछलियों को भी रंग कर बेच रहे दुकानदार, DM ने दिए जांच के आदेश

बिपुल राहुल

06 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 6 2026 8:39 PM)

कटिहार के मिर्चाई बाड़ी मछली बाजार का बताया जा रहा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में मछली पर रंग लगाए जाने का दावा किया जा रहा है. DM ने खाद्य निरीक्षक को जांच के निर्देश दिए हैं.

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बिहार के कटिहार में मछली को भी रंगकर बेच रहे ?
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बाजार से मछली खरीदने वालों के लिए कटिहार से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. शहर के मिर्चाईबाड़ी इलाके के मछली बाजार का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें मछली पर रंग लगाए जाने का दावा किया जा रहा है. वीडियो सामने आने के बाद खाद्य पदार्थों में मिलावट और लोगों की सेहत को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

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करीब 20 सेकेंड के इस वीडियो में एक व्यक्ति कैमरे के सामने अपना नाम डब्लू बताता नजर आ रहा है. वीडियो में उसके पास मौजूद एक महिला मछली पर रंग जैसा पदार्थ लगाती दिखाई दे रही है. वीडियो में दुकानदार की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि मछलियों पर रंग लगाया जाता है. वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का दावा है कि यह घटना कटिहार के मिर्चाईबाड़ी मछली बाजार की है. वीडियो में दुकानदार अपना पता तेजाटोला, कटिहार बताता हुआ भी नजर आता है. हालांकि, वीडियो में इस्तेमाल किए गए रंग की वास्तविक प्रकृति और उसमें मौजूद रसायनों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

मछली पर रंग लगाने का आरोप क्यों?

वीडियो सामने आने के बाद दावा किया जा रहा है कि बाहर से आने वाली मछलियों को रंग लगाकर उन्हें स्थानीय और ज्यादा ताजा दिखाने की कोशिश की जाती है. आरोप है कि ऐसी मछलियों को ग्राहक लोकल मछली समझकर खरीद सकते हैं. यही वजह है कि इस वीडियो ने मछली खरीदने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि, मछली पर लगाए गए पदार्थ से स्वास्थ्य को कितना नुकसान हो सकता है, यह उसके इस्तेमाल किए गए रंग और उसकी रासायनिक संरचना की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. FSSAI के मुताबिक खाद्य पदार्थों में केवल निर्धारित और अनुमोदित रंगों का ही इस्तेमाल किया जा सकता है. गैर-अनुमोदित सिंथेटिक रंग या रसायनों का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा का गंभीर मामला हो सकता है.

वीडियो बनाने वाले ने क्यों रिकॉर्ड किया मामला?

वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम संतोष बजाज बताया है. उनका कहना है कि कुछ महीने पहले रंग लगी हरी सब्जी खाने के बाद उनके परिवार के कई लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए थे और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी थी. इसी वजह से उन्होंने मछली पर रंग लगाए जाने का दृश्य देखकर वीडियो रिकॉर्ड किया. संतोष बजाज ने ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई और चेतावनी देने की मांग की है. उनका आरोप है कि बाहर से आने वाली मछली को रंग लगाकर स्थानीय मछली बताकर बेचा जा रहा है. वहीं, बाजार में मौजूद एक ग्राहक संजीव ने भी मछली पर रंग लगाए जाने को लेकर चिंता जताई और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की.

DM ने दिए जांच के निर्देश

वायरल वीडियो का मामला सामने आने के बाद कटिहार के DM आशुतोष द्विवेदी ने खाद्य निरीक्षक को जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट को कानूनी अपराध बताते हुए कार्रवाई की बात कही है. अब जांच में यह पता लगाया जाना अहम होगा कि वीडियो में दिखाई दे रही मछली पर वास्तव में कौन सा पदार्थ लगाया गया था, उसका इस्तेमाल क्यों किया जा रहा था और क्या बाजार में इस तरह की मछलियां बेची जा रही थीं.

जब तक जांच की रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक वायरल वीडियो में इस्तेमाल पदार्थ को किसी खास रसायन या जहरीले रंग के तौर पर निश्चित रूप से बताना सही नहीं होगा. मछली में रसायन या गैर-अनुमोदित पदार्थों की मिलावट स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है.

FSSAI ने मछलियों में कुछ अन्य अवैध रसायनों, जैसे फॉर्मल्डिहाइड, के इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी है और ऐसे मामलों में निगरानी व कार्रवाई की जरूरत बताई है. अब निगाह खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच पर है. रिपोर्ट सामने आने के बाद ही साफ होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई मछली पर किस तरह का रंग लगाया गया था और इसके पीछे वास्तव में क्या वजह थी.

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