बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. जन सुराज के कई प्रमुख नेता आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए हैं. इन नेताओं में देश के जाने-माने गणितज्ञ और शिक्षाविद डॉ. के.सी. सिन्हा (KC Sinha) भी शामिल हैं, जिन्होंने बीजेपी का पट्टा पहनकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. बीजेपी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने पार्टी में शामिल होने के अपने मुख्य कारणों को साझा किया. विस्तार से जानिए पूरी बात.
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राष्ट्र हित सर्वोपरि और वैश्विक परिस्थितियों का हवाला
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. के.सी. सिन्हा ने कहा कि आज की मौजूदा परिस्थितियों में राष्ट्र हित सबसे ऊपर है और देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है. उन्होंने वर्तमान वैश्विक हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज दुनिया भर में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं. न्यूक्लियर वेपन्स (परमाणु हथियारों) के इस आधुनिक दौर में कोई भी युद्ध बेहद विध्वंसकारी और विनाशकारी साबित हो सकता है. ऐसी गंभीर वैश्विक स्थिति में देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए केंद्र सरकार का मजबूत होना बेहद जरूरी है.
केंद्र सरकार के हाथ मजबूत करने का संकल्प
डॉ. सिन्हा ने आगे कहा कि वैसे तो हमारी वर्तमान केंद्र सरकार पूरी तरह से मजबूत है, लेकिन आज की परिस्थितियों को देखते हुए इसे और भी अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार के हाथों को मजबूत करना बेहद जरूरी है ताकि पूरे विश्व में भारत का डंका बज सके और भारत का मान-सम्मान वैश्विक स्तर पर और बढ़े. आज पूरा विश्व भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है और इस भूमिका को बनाए रखने के लिए देश में एक मजबूत नेतृत्व का होना अनिवार्य है.
भारत को फिर से 'विश्व गुरु' बनाने का दृष्टिकोण
शिक्षा के महत्व पर बात करते हुए डॉ. के.सी. सिन्हा ने कहा कि भारत पहले भी दुनिया का नेतृत्व कर चुका है और हमारा देश अतीत में 'विश्व गुरु' रह चुका है. भारत के विश्व गुरु बनने के पीछे का मुख्य कारण यहां की उच्च स्तरीय शिक्षा व्यवस्था थी. प्राचीन समय में हम शिक्षा के क्षेत्र में शिखर पर थे. उन्होंने बिहार के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए नालंदा और विक्रमशिला जैसे महान विश्वविद्यालयों का जिक्र किया. डॉ. सिन्हा ने कहा कि जब दुनिया में इस स्तर का कोई अन्य विश्वविद्यालय नहीं था, तब बिना किसी आधुनिक यातायात सुविधाओं के भी विदेशों से छात्र यहां पढ़ने आते थे. उस समय अकेले नालंदा विश्वविद्यालय में 10,000 से अधिक छात्र अध्ययन करते थे, जिससे हमारे प्राचीन शिक्षा स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है.
देश को शिक्षा के बल पर शिखर पर ले जाने का लक्ष्य
डॉ. सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस पार्टी (बीजेपी) को इसलिए जॉइन किया है क्योंकि वे अपने देश को शिक्षा के माध्यम से फिर से शिखर पर पहुंचाना चाहते हैं. उनका मानना है कि किसी भी देश को उन्नति के शिखर पर ले जाने का सबसे सर्वोत्तम और सही मार्ग शिक्षा ही है. शिक्षा के बल पर ही भारत अतीत में विश्व गुरु कहलाया था. चूंकि वे स्वयं लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र से गहराई से जुड़े हुए हैं, इसलिए वे अपनी पूरी क्षमता के साथ केंद्र और राज्य सरकार को ताकत देने का काम करेंगे.
दुनिया भर में फैले छात्रों का मिलेगा समर्थन
अपने संबोधन के अंत में डॉ. के.सी. सिन्हा ने अपने विशाल छात्र नेटवर्क का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उनके पढ़ाए हुए छात्र आज देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं और सफलता के शिखर पर हैं. इनमें कई प्रशासनिक सेवा (सिविल सर्विसेज), वैज्ञानिक, इंजीनियर और अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं. डॉ. सिन्हा ने भरोसा जताया कि उनके इन सभी छात्रों और समर्थकों का साथ मिलने से सरकार को और अधिक मजबूती मिलेगी. इन्हीं संकल्पों के साथ उन्होंने बीजेपी के साथ अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की है.
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