Khan Sir on Bihar New CM: देश के मशहूर शिक्षक और 'खान जीएस रिसर्च सेंटर' के संस्थापक खान सर (Khan Sir) ने बिहार की बदलती सियासत और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी बेबाक राय रखी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और राज्य में नई सरकार के गठन की आहट के बीच खान सर ने बताया कि वे आने वाली सरकार से क्या उम्मीदें रखते हैं. एक एजुकेशनल सेमिनार के दौरान मीडिया से बात करते हुए खान सर ने छात्रों के भविष्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की.
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नीतीश कुमार के इस्तीफे और नई सरकार पर क्या बोले?
जब खान सर से नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी ही सादगी से जवाब दिया. खान सर ने कहा, "हम स्टूडेंट्स के बीच में हैं, राजनीतिक लोग क्या फैसला ले रहे हैं, वो वही बेहतर बता पाएंगे." हालांकि, उन्होंने नई सरकार के लिए एक स्पष्ट विजन साझा किया. खान सर के मुताबिक, आने वाली सरकार चाहे किसी की भी हो, उसे तीन प्रमुख चीजों पर ध्यान देना चाहिए:
- सस्ती और बेहतर शिक्षा: छात्रों को महंगी फीस से निजात मिले.
- चिकित्सा व्यवस्था: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और आम आदमी तक पहुंच.
- लॉ एंड ऑर्डर: राज्य में कानून व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए ताकि विकास हो सके.
अब कोटा-दिल्ली जाने की जरूरत नहीं
खान सर ने घोषणा की कि इस बार वे बोर्ड (10th/12th) के बच्चों को भी पढ़ाएंगे. उन्होंने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि हायर एजुकेशन में आने वाले बच्चों का 'बेसिक' बहुत कमजोर होता है, जिसके कारण उन्हें बड़े एग्जाम्स निकालने में कई अटेम्प्ट लगते हैं. अब पटना में ही नीट (NEET), जेई (JEE) और बोर्ड की तैयारी महज 2000-3000 रुपये की फीस में ऑनलाइन और ऑफलाइन कराई जाएगी. साथ ही, उन्होंने ऐलान किया कि देश के किसी भी जिले के बोर्ड टॉपर (रैंक 1, 2, 3) को वे फ्री ऑफ कॉस्ट पढ़ाएंगे.
'ब्लड बैंक' की नई पहल
शिक्षा के साथ-साथ खान सर अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़ी क्रांति लाने की तैयारी में हैं. उन्होंने बताया कि वे एक ऐसा ब्लड बैंक शुरू कर रहे हैं जहाँ किसी मरीज को खून के बदले डोनर लाने की मजबूरी नहीं होगी. उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि जैसे मेडिकल स्टोर से दवा मिलती है, वैसे ही जरूरतमंदों को आसानी से ब्लड उपलब्ध हो सके. इसकी शुरुआत पाटलिपुत्र, मगध की धरती से होगी."
छात्रों पर बढ़ता महंगाई का बोझ
खान सर ने बढ़ती महंगाई, विशेषकर एलपीजी (LPG) सिलेंडर और खाने-पीने की चीजों के महंगे होने पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास और गरीब छात्रों के लिए 200-300 रुपये का खर्च बढ़ना भी बहुत बड़ा बोझ होता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है.
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