भोजपुर में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे खेसारी लाल यादव, सरकार से की ये मांग

सोनू कुमार सिंह

• 03:08 PM • 26 Sep 2026

भोजपुर में बाढ़ और कटाव से प्रभावित जवैनिया गांव के बेघर लोगों से मिलने शाहपुर के दामोदरपुर बांध पहुंचे भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव. पीड़ितों का दर्द देखकर भावुक हुए और राहत सामग्री बांटते हुए सरकार से स्थायी पुनर्वास की मांग की.

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बिहार के भोजपुर जिले में गंगा और अन्य नदियों के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी तथा भीषण कटाव के कारण सैकड़ों परिवारों का आशियाना छिन गया है. इस मुश्किल घड़ी में भोजपुरी सिनेमा के 'ट्रेंडिंग स्टार' खेसारी लाल यादव शुक्रवार देर शाम शाहपुर प्रखंड के दामोदरपुर पुल बांध पर पहुंचे. वहां जवैनिया गांव से विस्थापित होकर अस्थायी तिरपालों में रह रहे बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उन्होंने न केवल उनका हाल जाना, बल्कि हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया.

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समर्थकों को छोड़ पीड़ितों का दर्द सुनने पहुंचे खेसारी

खेसारी लाल यादव के पहुंचने की सूचना मिलते ही बांध पर हजारों समर्थकों की भीड़ जुट गई. हालांकि, खेसारी ने नारेबाजी और सेल्फी के बजाय सीधे बेघर हुए परिवारों के बीच जाना तय किया. करीब 15 मिनट का समय उन्होंने सिर्फ पीड़ितों की आपबीती और उनकी जरूरतें सुनने में लगाया. बाढ़ और नदी के कटाव से सब कुछ गंवा चुके लोगों की दयनीय स्थिति देखकर खेसारी लाल काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा, "मैं काफी दिनों से जवैनिया के अपने लोगों के बीच आना चाहता था. आज उनके बीच आकर उनका दर्द देखकर दिल भारी हो गया है."

200 पैकेट बांटी राहत सामग्री, टीम को दिए निर्देश

दामोदरपुर बांध पर शरण लिए विस्थापित परिवारों के बीच खेसारी लाल यादव ने करीब 200 पैकेट सूखा राशन और राहत सामग्री वितरित की. उन्होंने मौके पर मौजूद अपनी टीम को सख्त निर्देश दिया कि मदद का यह सिलसिला किसी एक दिन के प्रचार तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक जरूरत के हिसाब से राशन, कपड़े और दवाइयां प्रभावित परिवारों तक लगातार पहुंचाई जाएं.

सरकार से की मुआवजा और स्थायी पुनर्वास की मांग

पीड़ितों की समस्याओं को उठाने के साथ ही खेसारी लाल यादव ने बिहार सरकार और प्रशासन से अपील की. उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने बाढ़ और कटाव में अपने घर, जमीन और जीवनभर की कमाई गंवा दी है, उन्हें सरकार की ओर से तत्काल उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए. उन्होंने सरकार से मांग की कि विस्थापित हुए इन गरीब परिवारों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जमीन और पक्के मकान (पुनर्वास) की व्यवस्था कराई जाए.

राहत के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती 'आशियाना'

भोजपुर के कटाव प्रभावित क्षेत्रों में अब सिर्फ खाने के सामान की नहीं, बल्कि अपने परिवारों को दोबारा बसाने की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी है. राहत सामग्री मिलने पर स्थानीय लोगों ने खेसारी लाल यादव का आभार व्यक्त किया. हालांकि, जवैनिया और आसपास के ग्रामीणों के मन में अभी भी यह चिंता सता रही है कि पानी उतरने के बाद वे अपना घर दोबारा कैसे बना पाएंगे.

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